Navratri 2025: काशी में नवरात्रि के चौथे दिन देवी कुष्मांडा की आराधना की गई। मां के दरबार में सुबह से भक्तों का तांता लगा रहा। मां के दर्शन कर भक्तों ने आशीर्वाद प्राप्त किए।
शारदीय नवरात्र की चतुर्थी पर मां दुर्गा के चौथे स्वरूप मां कूष्मांडा के दर्शन हुए। चतुर्थी तिथि दो दिन होने के कारण भक्तों को 44 घंटे मां के दर्शन करने का सौभाग्य मिलेगा। पहले दिन बृहस्पतिवार को मां कूष्मांडा का मंदिर 21 घंटे से ज्यादा देर तक खुला रहा। नवरात्र के चौथे दिन मां कूष्मांडा ने भक्तों को अपने मूल स्वरूप में दर्शन दिया।
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बृहस्पतिवार को नवरात्र के चौथे दिन दुर्गाकुंड स्थित मां कूष्मांडा दुर्गा देवी के दर्शन हुए। मां की स्वर्णमयी छवि के दर्शन को ब्रह्म मुहूर्त 2:30 बजे से ही भक्तों की कतार लग गई थी जो मध्यरात्रि के बाद तक अनवरत चलती रही। अपराह्न तीन बजे पंचामृत स्नान के बाद मां का विशिष्ट शृंगार किया गया। चटख लाल बनारसी साड़ी से सजी मां का गुलाब, नीलकंठ और सफेद कतुवा की माला से शृंगार किया गया।
इसके बाद मां कूष्मांडा को स्वर्णाभूषणों से सुसज्जित किया गया। खासतौर से कोल्हापुरी हार, स्वर्ण मुकुट और नवरत्नों की माला से दिव्य झांकी सजाई गई। मंदिर के व्यवस्थापक पं. विकास दुबे ने बताया कि नवरात्र में परंपरानुसार मां को विशेष कोहड़ा अर्पित किया गया और नारियल की बलि दी गई। समस्त धार्मिक अनुष्ठान महंत राजनाथ दुबे के सानिध्य में संपन्न हुआ। शृंगार पं. संजय दुबे एवं आरती अनमोल दुबे ने उतारी। इस अवसर पर मुख्य रूप से पं. कौशल द्विवेदी, चंचल दुबे आदि रहे।