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Nautapa 2023: आज से नौ दिनों तक पड़ेगी भीषण गर्मी, सूर्य के रोहिणी में प्रवेश करते ही शुरू हो जाएगा नौतपा

Thu, 25 May 2023 10:52 AM IST
किरन रौतेला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

नौ दिनों दिनों तक लोगों का गर्मी का प्रकोप झेलना पड़ सकता है। इसकी वजह यह है कि इस दौरान सूर्य की लंबवत किरणें धरती पर पड़ती हैं। ये समय 25 मई से दो जून तक रहेगा। इसके अलावा ज्येष्ठ महीने के शुक्लपक्ष में चंद्रमा जब आद्रार् से स्वाती तक 10 नक्षत्रों में रहता हो तो नौतपा होता है।

 

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नौतपा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सूर्य आज रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करेंगे जिसके साथ ही नौतपा की शुरुआत हो जाएगी। ज्येष्ठ महीने के शुक्लपक्ष की षष्ठी यानि आज से नौतपा शुरू हो जाएगा। सूर्य का रोहिणी नक्षत्र में गोचर जब सूर्यदेव रोहिणी नक्षत्र में 15 दिन के लिए प्रवेश करते हैं तो उसकी शुरुआत के नौ दिन को नौतपा कहते हैं। क्योंकि इन शुरुआती नौ दिनों में धरती काफी तेज तपती है। भगवान भाष्कर कृतिका से निकलकर रोहिणी में प्रवेश कर चुके हैं और नौ जून तक इसी नक्षत्र में रहेंगे। सूर्य का नक्षत्र परिवर्तन और सप्तमी तिथि में बढ़ोत्तरी नौतपा को खूब तपाएगा। 

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ज्योतिषाचार्य दैवज्ञ कृष्ण शास्त्री ने बताया कि सूर्य 25 मई की रात में 8:58 बजे रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। इसके साथ ही 25 मई से नौतपा की शुरूआत होगी और भीषण गर्मी का सिलसिला दो जून तक रहेगा। सूर्य 15 दिनों तक रोहिणी नक्षत्र में 15 दिनों तक रहेंगे लेकिन गर्मी का भयंकर रूप शुरुआती नौ दिनों में ज्यादा होता है। इस बीच लू, आंधी और तूफान चलने की आशंका है।
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नौ दिनों दिनों तक लोगों का गर्मी का प्रकोप झेलना पड़ सकता है। इसकी वजह यह है कि इस दौरान सूर्य की लंबवत किरणें धरती पर पड़ती हैं। ये समय 25 मई से दो जून तक रहेगा। इसके अलावा ज्येष्ठ महीने के शुक्लपक्ष में चंद्रमा जब आद्रार् से स्वाती तक 10 नक्षत्रों में रहता हो तो नौतपा होता है।

 

 

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पारा। - फोटो : अमर उजाला

नौतपा की तिथि में एक दिन की बढ़ोत्तरी शुभ नहीं

रोहिणी के दौरान बारिश हो जाती है तो इसे रोहिणी नक्षत्र का गलना भी कहा जाता है। आचार्य दैवज्ञ कृष्ण शास्त्री ने बताया कि सप्तमी तिथि की बढ़ोत्तरी होने के कारण नौतपा 16 दिनों का हो गया। नौतपा की तिथि में एक दिन की बढ़ोत्तरी शुभ नहीं है। इससे दुर्भिक्ष, गर्मी सहित उथल-पुथल की आशंका बन रही है।

नौतपा पर काशी में परंपराएं

काशी विद्वत कर्मकांड परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष आचार्य अशोक द्विवेदी के अनुसार परंपरा के अनुसार नौतपा के दौरान महिलाएं हाथों-पैरों में मेहंदी लगाती हैं। क्योंकि मेहंदी की तासीर ठंडी होने से तेज गर्मी से राहत मिलती है। इन दिनों में पानी खूब पिया जाता है और जल दान भी किया जाता है ताकि पानी की कमी से लोग बीमार न हो।

तेज गर्मी से बचने के लिए दही, मक्खन और दूध का उपयोग ज्यादा किया जाता है। इसके साथ ही नारियल पानी और ठंडक देने वाली दूसरी और भी चीजें खायी जाती हैं।

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