शिवप्रसाद गुप्त चिकित्सालय के बाल रोग विभाग में मरीजों से भरे बेड ।
गर्मी और उमस से परेशान तो हर कोई है लेकिन नौनिहालों के लिए यह मौसम खतरनाक साबित हो रहा है। तापमान के उतार-चढ़ाव और दूषित खानपान की वजह से बच्चों में डायरिया का प्रकोप बढ़ गया है। निमोनिया, पीलिया और डायफाइड के भी मरीज बढ़ रहे हैं। रविवार को शिवप्रसाद गुप्त मंडलीय अस्पताल, कबीरचौरा का चिल्ड्रेन वार्ड फुल हो गया। कई मरीजों को दूसरे वार्ड में भर्ती करना पड़ा।
मौसम में बदलाव का सबसे ज्यादा असर बच्चों की सेहत पर पड़ रहा है। हालत यह है कि मंडलीय अस्पताल के चिल्ड्रेन वार्ड में रविवार को मरीजों की भीड़ लगी रही। वार्ड के सभी 20 बेड फुल होने के बाद जो मरीज पहुंचे, उन्हें दूसरे वार्ड में भर्ती किया गया। इनमें सबसे ज्यादा 13 मरीज डायरिया के हैं।
टायफाइड, पीलिया और निमोनिया के मरीज भी अस्पताल पहुंच रहे हैं। मरीजों की भीड़ को देखते हुए वार्ड में कूलर लगवा दिए गए हैं। साथ ही इमरजेंसी सेवा के तहत आक्सीजन सिलेंडर भी रखवा गया है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एसी सिंह ने बताया कि इस मौसम में बच्चों की सेहत पर विशेष ध्यान देना चाहिए। इस समय बुखार और पेट की बीमारियों का खतरा अधिक रहता है।
कागज में वार्ड फुल हकीकत में खाली
मंडलीय अस्पताल में रविवार को अस्पताल के सभी वार्ड फुल होने की बात सामने आई लेकिन हकीकत में ऐसा कुछ दिखा नहीं। अस्पताल के आपात चिकित्सा अधिकारी डॉ. जयेश मिश्रा ने बताया कि सभी बेड भर गए हैं, जिससे नये मरीजों को भर्ती करना मुश्किल हो रहा है। कहा कि इस वजह से पेइंग वार्ड में भी मरीजों को बिना शुल्क के भर्ती कराया गया है।
वहीं, उनके बयान के विपरीत देर शाम तक तक इमरजेंसी के वार्ड नंबर दो में चार और तीन में केवल एक मरीज भर्ती था। यहीं नहीं, वार्ड नंबर एक, सात और पेइंग वार्ड में भी बेड खाली थे।