वर्तमान समय में जनपद दलित हिंसा का केंद्र बना हुआ है। एक साल पहले प्रधान सत्यमेव जयते की हत्या हुई। कांग्रेस पार्टी संघर्ष के लिए सबसे पहले आई। पलिया गांव की घटना में भी दलितों को न्याय दिलाने के लिए सबसे पहले आई। उक्त बातें बृहस्पतिवार को अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव प्रदीप नरेवाल ने कलेक्ट्रेट स्थित रिक्शा स्टैंड पर चल रहे उपवास में पत्रकार वार्ता के दौरान कही।
राष्ट्रीय सचिव प्रदीप नरेवाल ने बताया कि मैं पलिया गांव का दौरा करने गया था। स्थानीय थाने की पुलिस का आरोप है कि ग्रामीणों ने खुद ही तोड़-फोड़ किया। जब कि हकीकत यह है कि पुलिस ने सुनियोजित तरीके से तोड़-फोड़ किया, महिलाओं और बच्चों को पीटा। महिलाओं का आरोप है कि पुलिस ने दुर्व्यवहार किए जाने के साथ ही हमारे शरीर के गहनों की जहां लूटपाट की वही हमारे घर में रखे खाद्य सामग्री में जहर मिलाने का काम किया। नरेवाल ने कहा आज उस गांव के लोग भूखों है। वह जब तक भूखे रहेंगे हम भी उपवास करेंगे। कांग्रेस किसी एक जाति धर्म की पार्टी नहीं है। वह सभी जाति धर्म के लोगों का दुखदर्द समझती है और संघर्ष के लिए सबसे आगे रहती है। उन्होंने घटना की न्यायिक जांच कराकर घटना में लिप्त लोगों के खिलाफ आपराधिक धाराओं में मुकदमा दर्ज किए जाने की मांग किया। उन्होंने बताया कि 12 जुलाई को पलिया में दलित महापंचायत का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश उपाध्यक्ष विश्वविजय सिंह, संगठन सचिव अनिल यादव, प्रदेश सचिव संतोष कटाई, जिलाध्यक्ष प्रवीण कुमार सिंह, पूर्व अध्यक्ष हवलदार सिंह सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।