पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, फिर फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और सोमवार को राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद बनारस के दीनदयाल हस्तकला संकुल के ब्रांड अंबेसडर की भूमिका में नजर आए।
राष्ट्रपति ने संकुल के एंफीथिएटर में एनएचएआई की परियोजनाओं के शिलान्यास, कौशल विकास मिशन के तहत युवक-युवतियों को नियुक्ति पत्र वितरण समारोह और राज्यपाल राम नाईक की पुस्तक के विमोचन समारोह में संकुल को खास और पर्यटन व शिल्प के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण बताया।
दरअसल, इस आयोजन के साथ ही संकुल में राष्ट्रीय स्तर के आयोजनों की शुरुआत हो गई है। काशी सहित पूर्वांचल के शिल्प और बुनकरी की पहचान को सशक्त करने और स्थानीय हुनर की चमक दुनिया के कोने-कोने में पहुंचाने के उद्देश्य से संकुल की स्थापना हुई है।
संकुल की ब्रांडिंग की जिम्मेदारी स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने हाथ में ले रखी है। पीएम ने बड़ी सभाओं में संकुल की ब्रांडिंग की दो बार निरीक्षण भी किया। हाल में उन्होंने संकुल में ही फ्रांस के राष्ट्रपति को काशी के शिल्प और कला की खूबसूरती दिखाई। इस बार राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद इस परिसर में पहुंचे।
सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संकुल में चौथा दौरा रहा। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग, कौशल विकास मंत्रालय, विभिन्न प्रशिक्षण इंस्टीट्यूट और पूर्वांचल के कोने-कोने से आए लोगों ने भी संकुल को अद्भुत और आकर्षक बताया। शिल्पियों, बुनकरों और पर्यटन व्यवसाय से जुडे़ लोगों को इसका लाभ मिलने की उम्मीद है।