अपने कोच चंद्रभान यादव के साथ आशीष सिंह।
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पहली बार भालाफेंक टीम में चयन, जीता स्वर्ण
2013 में इंटरमीडिएट में वॉलीबॉल खेलता था। स्कूली खेलों के लिए जेवलिन थ्रो का ट्रायल चल रहा था। लोगों को भाला फेंकते देखा तो खुद भी लाइन में लग गया। कोच ने कहा भाला फेंक पाओगे, क्या यह संभलेगा तुमसे। मैंने कहा फेंकने दीजिये नहीं फेंक पाया तो बाहर कर दीजिएगा। पहली बार भाला फेंका और सभी खिलाड़ियों से दूर फेंक दिया। इस पर सभी खुश हुए और स्कूली खेलों के लिए चुन लिया गया। प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता।