हरेंद्र ने बताया कि रजिस्ट्री के कागज के आधार पर वह पिंडरा तहसील में जमीन पर अपना और अपने भाइयों का नाम दर्ज कराने गए। इस पर तहसीलदार पिंडरा ने बताया कि जो जमीन अपने खरीदी है वह नेशनल हाईवे के लिए अधिग्रहीत की गई है। यह बात जमीन के वास्तविक मालिक को भी पता है और वह मुआवजा भी ले चुके हैं।
इसलिए उस जमीन पर अब किसी का नाम दर्ज नहीं हो पाएगा। इस संबंध में एसपी ग्रामीण अमित वर्मा ने बताया कि थानाध्यक्ष बड़ागांव को जांच कर कार्रवाई के लिए कहा गया है। जमीन बेंचने वाले और उनसे मुलाकात कराने वाले बिचौलिये के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।