गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) के तहत राष्ट्रीय ई-वे बिल (ऑनलाइन घोषणा पत्र) 31 जनवरी की आधी रात यानी 12 बजे से प्रभावी हो जाएगा। राष्ट्रीय ई-वे बिल के लागू होते ही उत्तर प्रदेश में पहले से लागू प्रदेशीय ई-वे बिल तत्काल प्रभाव से समाप्त हो जाएगा। इसके बाद माल के परिवहन के पूर्व ऑनलाइन राष्ट्रीय ई-वे बिल में ट्रांजेक्शन की पूरी सूचना घोषित करनी होगी।
वाणिज्य कर विभाग के एडिशनल कमिश्नर ग्रेड वन एके गोयल व कमलेश प्रकाश ने संयुक्त रूप से बताया कि राष्ट्रीय ई-वे बिल व्यवस्था आरंभ होते ही राज्य में पूर्व से प्रचलित ई-वे बिल एक, दो और तीन टीडीएफ तथा अपंजीकृत व्यापारियों के लिए डाउनलोड की जाने वाली ई-वे बिल व्यवस्था स्वत: समाप्त हो जाएगी।
इसको लेकर व्यापारियों के मन में भ्रम की स्थिति है कि राष्ट्रीय व प्रदेशीय ई-वे बिल दोनों लागू रहेगा जबकि ऐसा नहीं है। माल के परिवहन के दौरान व्यापारियों को सिर्फ राष्ट्रीय ई-वे बिल ही रखना होगा। ज्वाइंट कमिश्नर (एसआईबी) वीके शुक्ला ने बताया कि जीएसटी अधिनियम की धारा-68 तथा संबंधित नियम 138 के तहत 50 हजार रुपये से अधिक के माल के परिवहन के दौरान परिवहनकर्ता को राष्ट्रीय ई-वे बिल डाउनलोड करना अनिवार्य है।
उनका कहना है कि चैप्टर-71 के तहत वर्गीकृत बहुमूल्य धातुएं तथा आभूषण, घरेलू उपभोग के लिए एलपीजी, पीडीएस सिस्टम के तहत वितरण के लिए करोसिन, भारतीय मुद्रा, पुराना प्रयुक्त निजी तथा घरेलू सामान के परिवहन के दौरान राष्ट्रीय ई-वे बिल अपेक्षित नहीं होगा।
उन्होंने बताया कि व्यापारियों को ऐसा भ्रम है कि प्रदेश में माल भेजने व मंगाने के लिए प्रदेशीय और राष्ट्रीय ई-वे बिल दोनों का ही प्रयोग करना है जबकि ऐसा नहीं है। एक फरवरी से सिर्फ राष्ट्रीय ई-वे बिल से ही माल का परिवहन किया जा सकता है। प्रदेश में 16 जनवरी से लागू प्रदेशीय ई-वे बिल वैकल्पिक रूप से रहा।