भोजपुरी को भारत ही नहीं अमेरिका तक एक अलग पहचान दिलाने वाले ड्रू हिक्स को बेस्ट इंटरनेशनल क्रिएटर पुरस्कार मिला है। नेशनल क्रिएटर्स अवार्ड के कार्यक्रम में भी उन्होंने भोजपुरी में ही पीएम मोदी से बातचीत की। आइए जानते हैं इनके बारे में...
पीएम नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम में 23 सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर को ‘नेशनल क्रिएटर्स अवार्ड’ दिया। इनमें 20 भारतीय व 3 विदेशी थे। इस दौरान अमेरिका के ड्रू हिक्स को बेस्ट इंटरनेशनल क्रिएटर पुरस्कार दिया गया। वे हिंदी, मैथिली और भोजपुरी में इंस्टाग्राम और यूट्यूब के लिए मजेदार शॉर्ट वीडियो (रील्स) बनाने के लिए जाने जाते हैं। वे इन भाषाओं का खास अंदाज में उच्चारण करते हैं। इंस्टाग्राम पर उनके लगभग 9 लाख और यूट्यूब पर 4 लाख से अधिक फॉलोवर हैं।
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पीएम ने ड्रू से बातचीत की और हिंदी तथा भोजपुरी में रूचि की वजह पूछी। इस पर उन्होंने बताया कि उनके जन्म के 5 साल बाद पिता वाराणसी के काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में पढ़ने आए थे। इस कारण उनके बचपन का काफी समय वाराणसी में बीता। इसके अलावा पिता पटना में मिथिला पेंटिंग के व्यापार से भी जुड़े रहे। जिस कारण वे पटना में भी रहे। इस तरह उन्हें दोनों जगहों की कला, संस्कृति और भाषाओं का ज्ञान हुआ। वे करीब 11 सालों तक भारत में रहे। बाद में वे वापस अमेरिका चले गए। हालांकि उनका मन भारत में लगा ही रहा। इसलिए अब दोनों देशों में आना-जाना लगा रहता है।
लिट्टी चोखा के लिए मैं अपनी जान दे दूंगा...
जब आप भारत से तीन दिन से ज्यादा बाहर हों कैप्शन से अपने एक वीडियो में सलाद खाते हुए ड्रू कहते हैं कि, ‘मैं एक लिट्टी चोखा के लिए अपनी जान दे दूंगा भाई।’ इसी वीडियो में रेस्टोरेंट के मीनू को देखने का अभिनय करते हुए वे भगवान से प्रार्थना करते हैं कि दाल-भात और बटर मसाला मिल जाए। लेकिन उन्हें सलाद, पिज्जा ही दिखाई पड़ता है।