गोदौलिया चौराहे पर नंदी की प्रतिमा
- फोटो : अमर उजाला
बाबा भोले की नगरी काशी में देश के दूरदराज क्षेत्रों से आने वाले भक्तों को भगवान शंकर के प्रिय नंदी श्री काशी विश्वनाथ के दरबार का रास्ता बताएंगे।
प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के तहत काशी के एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशनों और बस अड्डों पर उतरने वाले भक्तों को काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन के लिए किसी से रास्ता पूछने की जरूरत नहीं होगी।
दिशा संकेतक के रूप में नंदी प्रमुख चौराहों और तिराहों पर विराजमान कराए जाएंगे। नंदी का मुंह बाबा दरबार की ओर जाने वाले रास्ते पर होगा। नगर निगम को सौंपी गई योजना के क्रियान्वयन के लिए सर्वेक्षण शुरू हो गया है।
योजना के तहत प्रमुख चौराहों पर एक-एक पिलर खड़ा किया जाएगा। इसके ऊपर नंदी विराजमान होंगे। जो दूधिया रोशनी से जगमगाएंगे। प्रयोग के तौर पर गोदौलिया चौराहे पर एक नंदी को विराजमान किया गया है।
इसी प्रकार के नंदी 200 से अधिक तिराहों-चौराहों पर लगाए जाएंगे। जिन तिराहों-चौराहों पर महापुरुषों की प्रतिमाएं लगी हैं, वहां भी नंदी को विराजमान किया जाएगा।
उत्तर प्रदेश शासन में राज्यमंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी का कहना है कि काशी में बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए देश-विदेश से भक्त आते हैं। उनकी सुविधा के लिए नंदी को प्रमुख चौराहों पर लगाने की योजना को जल्द मूर्त रूप में लाया जाएगा।