प्रेस कॉन्फ्रेंस में नंद कुमार साई
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सुप्रीम कोर्ट ने एससीएसटी के नियमों को लेकर जो निर्णय दिया है इससे हम सहमत नहीं हैं। इस प्रस्ताव को रोककर दूसरे बेंच में इसकी समीक्षा की जानी चाहिए। यह बातें शुक्रवार को डीरेका में राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष नंद कुमार साई ने पत्रकारों से कहीं।
उन्होंने कहा कि अनुसूचित जनजाति के पिछड़ेपन का कारण शिक्षा है। प्राथमिक विद्यालयों में ही अनुसूचित जनजाति के गरीब बच्चे शिक्षा ग्रहण करने जाते हैं। प्राथमिक स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था व्यवस्था सुधारने से ही स्थिति बेहतर होगी।
इसके लिए सभी राज्यों को पत्र लिखा गया है। देश में सामाजिक समरसता की कमी है। गरीब लोगों की मदद उच्च वर्ग को करनी चाहिए। आरक्षण में पदोन्नति है तो जरूर, लेकिन काफी कम है।
अनुसूचित जनजाति आयोग के राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ उपाध्यक्ष हरिकृष्ण डामोर, सचिव राघव चंद्रा, संयुक्त सचिव शिशिर कुमार राठे, राजेश्वर कुमार के अलावा दो सदस्य हर्षद भाई चुन्नीलाल वासवा, माया चिंतामन इन वाटे थे।
दल ने कारखाने का भ्रमण करने के बाद अधिकारियों, कर्मचारियों के प्रतिनिधि मंडल से मुलाकात कर अनुसूचित जाति, जनजाति के कर्मचारियों की सुविधा व समस्याओं का हाल जाना।
आयोग के पदाधिकारियों ने कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं के निस्तारण के लिए रोस्टर को ऑनलाइन किए जाने का सुझाव दिया गया है। साथ और छोटी-छोटी दिक्कतों को दूर करने के लिए कहा गया है।