यहां पर्यटक सुबह-ए-बनारस का नजारा देख सकेंगे। साथ ही गंगा आरती में भी शामिल हो सकेंगे। वाटर एडवेंचर स्पोर्ट्स का मजा भी ले सकेंगे। सुबह मॉर्निंग वॉक ,व्यायाम और योग कर सकेंगे। दिव्यांगजन और बुजुर्गों के लिए मां गंगा के चरणों तक रैंप बना है। ओपेन थियेटर है, लाइब्रेरी, बनारसी खान पान के लिए फूड कोर्ट हैं।
जेटी से बोट के जरिये काशी विश्वनाथ धाम जा सकेंगे। फ्लोटिंग सीएनजी स्टेशन है। यहां मल्टीपर्पज प्लेटफॉर्म होगा। जहां हेलीकॉप्टर उतरने के साथ ही विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन हो सकता है। इंजीनियर इंडिया लिमिटेड के मैनेजर दुर्गेश ने बताया कि गाबियन और रेटेशन वाल से घाट तैयार किया गया है। इससे बाढ़ में घाट सुरक्षित रहेगा।