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Namo Ghat: नमो घाट पर पर्यटकों को रिझा रहा 75 फीट का 'नमस्ते', देव दीपावली पर उपराष्ट्रपति करेंगे उद्घाटन

Thu, 14 Nov 2024 04:24 PM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

वाराणसी का नमो घाट पर्यटकों को लुभा रहा है। ये घाट विश्वस्तरीय सुविधाओं से युक्त बनाया गया है। यहां 75 फीट का नमस्ते स्कल्पचर पर्यटकों को आकर्षित करता है। इसका उद्घाटन 15 नवंबर यानी देव दीपावली के अवसर पर किया जाएगा। 
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नमो घाट - फोटो : उज्जवल गुप्ता
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विस्तार
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उदयागामी भगवान भास्कर का अभिवादन करता नमो घाट का 75 फीट ऊंचा नमस्ते स्कल्पचर पर्यटकों को लुभा रहा है। देव दीपावली के अवसर पर उपराष्ट्रपति नमो घाट को जनता को समर्पित करेंगे। सुबह-ए-बनारस का लुत्फ अब पर्यटक विश्व स्तरीय सुविधाओं वाले खुबसूरत नमो घाट से भी ले सकेंगे। 

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देव दीपावली पर होगा नमो घाट का उद्घाटन
अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं वाला नमो घाट बन कर तैयार हो गया है। उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का 15 नवंबर को नमो घाट का औपचारिक उद्घाटन करना प्रस्तावित है। इस मौके पर उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी भी मौजूद रहेंगे। 

पहला घाट होगा जहां उतारा जा सकेगा हेलीकॉप्टर
नमो घाट काशी के घाटों की श्रृंखला में जुड़ गया है। यह वाराणसी के पहले मॉडल घाट के रूप में जुड़ा है। इसका विस्तार नमो घाट से आदिकेशव घाट (लगभग 1.5 किलोमीटर) तक हुआ है। घाट की बनावट और अंतरराष्ट्रीय सुविधा के साथ नमस्ते का स्कल्पचर पर्यटकों को आकर्षित कर रहा है। जल, थल और नभ से जुड़ने वाला यह पहला घाट होगा, जहां हेलीकॉप्टर भी उतारा जा सकता है।
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नमो घाट पर किया गया है ये इंतजाम

नमो घाट - फोटो : उज्जवल गुप्ता
नमो घाट पर फ्लोटिंग सीएनजी स्टेशन, ओपन एयर थियेटर, कुंड, फ्लोटिंग जेटी पर बाथिंग कुंड तथा चेंजिंग रूम का भी निर्माण हुआ है। योग स्थल, वाटर स्पोर्ट्स, चिल्ड्रन प्ले एरिया, कैफेटेरिया के अलावा कई अन्य सुविधाएं हैं। यह वाराणसी का पहला घाट है, जो दिव्यांगजनों के अनुकूल बनाया गया है। नमो घाट का पुनर्निर्माण दो फेजों मे किया गया है। इसका निर्माण 81,000 स्क्वायर मीटर में 91.06 करोड़ से किया गया है। इस परियोजना को स्मार्ट सिटी मिशन तथा इंडियन ऑयल फाउंडेशन द्वारा मिल कर वित्तपोषित किया गया है।  

नमो घाट के पुनर्विकास में दिया गया मेक इन इंडिया का विशेष ध्यान
वाराणसी के मंडलायुक्त और स्मार्ट सिटी के अध्यक्ष कौशल राज शर्मा ने बताया कि नमो घाट के पुनर्विकास में मेक इन इंडिया का विशेष ध्यान दिया गया है। इस घाट पर वोकल फॉर लोकल भी दिखेगा। भविष्य में लोग यहां वाटर एडवेंचर स्पोर्ट्स और हेली टूरिज्म का भी लुत्फ ले सकेंगे। सेहतमंद रहने के लिए मॉर्निंग वाक, व्यायाम और योग कर सकेंगे। दिव्यांगजन और बुजुर्गों के लिए मां गंगा के चरणों तक रैंप बना है। 
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पर्यटकों के लिए हैं ये सुविधाएं

ओपेन थियेटर, लाइब्रेरी, लाउंज, बाथिंग कुंड, बनारसी खान-पान के लिए फूड कोर्ट और मल्टीपर्पज प्लेटफार्म है। यहां हेलीकाप्टर उतरने के साथ ही विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन व क्राउड मैनेजमेंट में भी काम आ सकता है। जेटी से बोट द्वारा श्री काशी विश्वनाथ धाम और गंगा आरती देखने जा सकेंगे। गंगा को प्रदूषण मुक्त करने के लिए सीएनजी से चलने वाली नाव के लिए देश का पहला फ्लोटिंग सीएनजी स्टेशन भी नमो घाट पर बना है। इसके अलावा अन्य गाड़ियों के लिए भी यहां अलग से सीएनजी स्टेशन है। नमो घाट से क्रूज के जरिए पास के अन्य शहरों का भ्रमण किया जा सकता है। 

मंडलायुक्त कौशल राज शर्मा ने बताया कि फेज वन में बने बड़े नमस्ते स्कल्पचर की ऊंचाई करीब 25 फीट और छोटे की 15 फीट है, जबकि फेज टू में मेटल का बना नमस्ते स्कल्पचर करीब 75 फीट ऊंचा है। यह भारत की स्वतंत्रता के 75वें वर्ष में अमृत महोत्सव में लगवाया गया है। इस नमो नमः स्कल्पचर की वजह से इसका नाम, नमो घाट पड़ गया है। नमो घाट पर खास कुंड बना है। घाट के किनारे हरियाली के लिए और मिट्टी का कटान न हो, इसके लिए पौधरोपण किया गया है। आस्था की डुबकी लगाने के लिए अन्य घाटों की तरह पक्का घाट बना है। यहां सीढ़ियों के साथ ही रैंप भी बनाया गया है। यहां बाथिंग जेटी भी लगाई गई है।  
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