Nag Panchami 2025: इस बार नाग पंचमी पर शिव, रवि योग के साथ मंगला गौरी व्रत का संयोग बन रहा है। इस दिन वाराणसी के नागकूप में पुण्य स्नान के लिए पूर्वांचल के विभिन्न जिलों से श्रद्धालु आएंगे।
नागपंचमी पर इस बार शिव योग, रवि योग के साथ ही सावन का मंगलवार होने के कारण मंगला गौरी व्रत का संयोग भी बन रहा है। उधर, नागपंचमी पर जैतपुरा स्थित नागकूप पर स्नान और पूजन होगा। यहां सोमवार को पूजन की तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया।
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नाग कुआं मंदिर के पुजारी आचार्य तनुज कुमार पांडेय ने बताया कि मंदिर परिसर और कुएं की विशेष सफाई कराई गई है। सुबह से ही स्नान का क्रम प्रारंभ होगा जो देर शाम तक चलेगा।
मान्यता के अनुसार, इस कुएं में स्नान करने से कालसर्प दोष, सर्पदोष और अन्य दुष्प्रभावित ग्रहों की बाधा शांत हो जाती है और जीवन में सुख, समृद्धि और शांति मिलती है। नाग पंचमी पर बनारस ही नहीं, बल्कि चंदौली, गाजीपुर, आजमगढ़, जौनपुर समेत पूर्वांचल के विभिन्न जिलों से श्रद्धालु नागकूप में पुण्य स्नान के लिए आएंगे।