फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्राडो का फर्जी नंबरः डिप्टी सीएम के दरबार में पहुंचा नदीम जावेद का मामला

Fri, 14 Apr 2017 11:03 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
विज्ञापन
30 दिसंबर को बाबतपुर के रमईपुर में प्राडो और आल्टो में हुई थी टक्कर
विज्ञापन
सरकार बदल गई लेकिन अफसरशाही नहीं बदल रही है। अफसरों की जांच करने का तरीका बेहद सुस्त है। जौनपुर के पूर्व विधायक नदीम जावेद की प्राडो गाड़ी से हुए हादसे के मामले में पुलिस ने अब तक उनसे कोई पूछताछ तक नहीं की। जबकि यह स्पष्ट हो चुका है कि उनकी गाड़ी पर लगा नंबर फर्जी था।
विज्ञापन


हादसे में दो शिक्षक जख्मी हुए थे। शिक्षक के घरवालों ने शुक्रवार को लखनऊ में डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा से मुलाकात कर नदीम को गिरफ्तार करने की मांग की। साथ ही, पुलिस पर विधायक की मदद करने का आरोप लगाया। डिप्टी सीएम ने मामले की जांच कर कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

नदीम जावेद बीते साल 30 दिसंबर को प्राडो गाड़ी (एचआर 72 0010) से बाबतपुर एयरपोर्ट से जौनपुर जा रहे थे। गाड़ी में विधायक के अलावा मुकेश पांडेय, गनर आफताब और इंतखाब थे। बाबतपुर के  पास रमईपुर में सामने से आ रही आल्टो कार से प्राडो की टक्कर हो गई।
विज्ञापन


हादसे में विधायक समेत गाड़ी में सवार चारों लोग जख्मी हो गए। आल्टो सवार गाजीपुर के शेरपुर निवासी शिक्षक प्रवीण कुमार राय और उनके मित्र कमलेश भी जख्मी हो गए। दोनों जौनपुर में ही शिक्षक हैं। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ (नाम-पता अज्ञात) फूलपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया।

प्रवीण के बड़े भाई अधिवक्ता प्रदीप राय ने आरोप लगाया था कि प्राडो पर फर्जी नंबर लगा है। जांच में इसकी पुष्टि के बाद पुलिस ने अज्ञात चालक के  खिलाफ धोखाधड़ी की धाराएं तो बढ़ाईं लेकिन चालक का पता नहीं लगा सकी।

प्राडो के मालिक जावेद इकबाल से विधायक से क्या रिश्ते हैं, इस बाबत भी पुलिस पता नहीं लगा सकी है। 
 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें