हेरिटेज सिटी डेवलपमेंट एंड आग्मेंटेशन योजना (हृदय) के मिशन डायरेक्टर एवं केंद्र सरकार के शहरी विकास मंत्रालय में संयुक्त सचिव बी आनंद का दावा है कि 2019 तक काशी की सूरत बदल जाएगी।
ऐतिहासिक धरोहरों, पौराणिक स्थलों से लेेकर सड़क, बिजली और स्ट्रीट लाइट की बेहतर सुविधाओं पर पायलट प्रोजेक्ट के तहत पहले चरण में योजना पर काम चल रहा है।
दिसंबर, 2017 तक पहले चरण के काम पूरे हो जाएंगे। दूसरा चरण 2018 में शुरू होगा। बता दें कि योजना के तहत शहर के विकास पर कम से कम दो हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे।
नगर निगम की ओर से मोबाइल एप और काशी एंथम तैयार करने के प्रस्ताव पर उन्होंने धन देने के लिए आश्वस्त किया। कहा, मोबाइल एप ऐसा हो जिसमें रेल, हवाई, बस अड्डे के अलावा ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थलों, धरोहरों का ब्योरा हो, ताकि हर देशी-विदेशी इस एप के जरिए पूरा शहर आसानी से घूम सके।
काशी एंथम के लिए धन देने पर सहमति जताते हुए उन्होंने नगर आयुक्त श्रीहरि प्रताप शाही को डीपीआर बनाकर भेजने के निर्देश दिए।
आनंद ने हृदय की गाइडलाइन को फिर से रिव्यू करने का एलान करते हुए कहा कि योजना ऐसी हो जो जनता को जोड़े और उसे लाभ भी मिले।
योजना को शुरू करने से पहले प्राइवेट सेक्टर और स्थानीय लोगों के सुझावों को जरूर शामिल करें। इससे योजना बेहतर बनेगी और रोजगार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने नगर आयुक्त को टाउनहाल और भारत माता मंदिर को पर्यटन से जोड़ने की भी हिदायत दी।