समाज के तानों को पीछे छोड़ कायनात ने लहराया परचम
वहीं, वाराणसी के शहंशाहपुर गांव की निवासी कायनात खानम ने संस्कृत विषय में आचार्य (एमए) की डिग्री प्राप्त कर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। कायनात ने अपनी सफलता का श्रेय अपने गुरुजनों और परिवार को दिया। उन्होंने साझा किया कि बचपन में ही उन्हें अपने गुरु जी से संस्कृत पढ़ने की प्रेरणा मिली थी। हालांकि, समाज की ओर से कई तरह की बातें और ताने सुनने को मिले, लेकिन परिवार का अटूट सहयोग उनके साथ रहा। संविदा शिक्षक के रूप में कार्यरत उनके पिता वहीद खान ने हर कदम पर अपनी बेटी का हौसला बढ़ाया और आगे बढ़ने में मदद की।