भाई-बहन के प्यार रक्षाबंधन के मौके पर वाराणसी में सांप्रदायिक सौहार्द देखने को मिला। यहां मुस्लिम बहनों ने हिंदू भाइयों की कलाई पर राखी बांधी। रक्षाबंधन के खास पर्व पर मुस्लिम राष्ट्रीय मंच और पंचगंगा फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में सोमवार को स्नेह सूत्र बंधन और ‘आपसी रिश्तों के बंधन से सामाजिक सुरक्षा’ पर संगोष्ठी हुई।
हुकुलगंज स्थित विशाल भारत संस्थान परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में मुस्लिम बहनों ने हिंदू भाइयों की कलाई पर राखी सजाई। आरएसएस नेता इंद्रेश कुमार को महिलाओं ने तिलक लगाकर, राखी बांधी और रक्षा का वादा लिया।
हिंदू धर्माचार्य महंत बालक दास ने मुस्लिम धर्माचार्य शफीक अहमद मुजद्दीदी और पंडित ऋषि द्विवेदी को राखी बांधी। इस दौरान आपसी रिश्तों की खूबसूरती भारतीय संस्कृति के साथ देखने को मिली। इस रिश्ते में न धर्म का बंधन था और ना जाति।
मुख्य वक्ता इंद्रेश कुमार ने कहा कि भाई बहन का यह पवित्र बंधन किसी भी महिला को देखने का नजरिया बदल देता है। बहन से भाई के रिश्ते को कोई तोड़ नहीं सकता। कहा कि ये समाज की जिम्मेदारी है कि वो हर बेटी को सुरक्षा का एहसास कराए।
रिश्तों के बंधन से ही सामाजिक असुरक्षा खत्म होगी। डॉ. इरफान अहमद शम्सी ने कहा कि यह त्योहार दिलों के मिलन के साथ इंसानियत का पैगाम देने वाला है। पंचगंगा फाउंडेशन के अध्यक्ष डॉ. हेमंत गुप्ता ने कहा कि स्नेह का बंधन ही समाज को भयमुक्त कर सकता है।
डॉ. राजीव श्रीवास्तव ने धन्यवाद ज्ञान किया। इस अवसर पर विनोद गुप्ता, पूनम सिंह, शबाना बानो, नाजनीन अंसारी, नजमा परवीन, आत्म प्रकाश, मयंक श्रीवास्तव, मेराजुद्दीन, मजीद अंसारी आदि मौजूद रहे।