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सनसनीखेज वारदात: वाराणसी में लापता युवक की हत्या कर शव फेंका, बाइक-मोबाइल गायब, आक्रोशित परिजनों ने काटा बवाल

Sat, 03 Jun 2023 01:12 AM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

वाराणसी के करखियांव से गायब नीलेश सिंह उर्फ गोलू (26) का शव दूसरे दिन शुक्रवार की शाम गांव स्थित पोखरे में मिला। परिजनों ने हत्या करने का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों के साथ फूलपुर थाने के सामने जाम लगा दिया।
 
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नीलेश सिंह उर्फ गोलू का शव मिलने के बाद परिजनों ने किया हंगामा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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वाराणसी के करखियांव से गायब नीलेश सिंह उर्फ गोलू (26) का शव दूसरे दिन शुक्रवार की शाम गांव स्थित पोखरे में मिला। नीलेश के सिर और कान पर गहरे जख्म थे। परिजनों ने पैसे के लेनदेन के विवाद में धारदार हथियार से हत्या करने का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों के साथ फूलपुर थाने के सामने जाम लगा दिया। पुलिस ने तहरीर के आधार पर उचित कार्रवाई का आश्वासन देते हुए लोगों को शांत कराया।

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फूलपुर थाना क्षेत्र के करखियांव गांव निवासी किसान राधेश्याम सिंह ने बताया कि उनके दो बेटों और दो बेटियों में सबसे छोटा नीलेश सिंह पैसे के लेनदेन का काम करता था। गुरुवार रात 8:30 बजे के लगभग नीलेश के मोबाइल पर कॉल आई। इस पर उसने कहा कि एक परिचित से मिल कर 10 मिनट में वापस आ रहा हूं।

हिरासत में लिए गए युवकों ने खोला राज

नीलेश घर से बाइक लेकर निकला और फिर लौट कर नहीं आया। रात भर नीलेश की खोजबीन के बाद भी उसका पता नहीं लगा तो शुक्रवार की सुबह गांव के ही दो युवकों पर अपहरण की आशंका जताते हुए फूलपुर थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। परिजनों की शंका के आधार पर फूलपुर थाने की पुलिस ने दोनों युवकों को हिरासत में लेकर नीलेश के संबंध में पूछताछ शुरू की।
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नीलेश सिंह उर्फ गोलू - फोटो : अमर उजाला
हिरासत में लिए गए दोनों युवकों ने पुलिस को बताया कि नीलेश का शव करखियांव गांव में ही एक पोखरे में फेंका गया है। दोनों से मिली जानकारी और उनकी निशानदेही के आधार पर शाम के समय पुलिस पोखरे पर पहुंची और नीलेश का शव बरामद किया। हालांकि नीलेश की बाइक और मोबाइल नहीं बरामद किया जा सका है।

उधर, नीलेश की मां मंजू सिंह की हालत बेसुधों जैसी थी और परिजन बड़ी ही मुश्किल से उन्हें संभाले हुए थे। एसीपी पिंडरा अमित पांडेय ने कहा कि  प्रकरण उधार दिए गए रुपये के लेनदेन के विवाद से जुड़ा है। एक आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। 
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पांच मिनट में घर आने की बात कह कर निकला था नीलेश

बड़े भाई अश्वनी सिंह ने बताया कि नीलेश पांच मिनट में घर आने की बात कह कर गया था। आधा घंटे बाद भी वह नहीं आया तो रात नौ बजे उसके मोबाइल पर हमने फोन किया, लेकिन कॉल नहीं रिसीव हुई। इसके बाद 9:30 बजे फोन किया, लेकिन फिर भी कॉल नहीं रिसीव हुई। रात 10 बजे के बाद नीलेश का मोबाइल स्विच ऑफ बताने लगा तो हम लोगों ने उसके दोस्तों और करीबियों से उसके बारे में पता लगाते हुए उसे खोजना शुरू किया।
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