एएसपी ने बताया कि आरोपी करण पासवान की निराश्रित भाभी से शादी होने वाली थी। होली के दिन मृतक दुर्गेश पासवान ने करण के घर जाकर उसकी निराश्रित भाभी को रंग लगाया था, जिससे करण नाराज हो गया था। इसके बाद उसने अपने साथी संजीव पासवान को लेकर दुर्गेश के घर के पास गया और फोन करके उसे होली पर मिलने के बहाने बुलाया। इसके बाद उसे बाइक पर बैठाकर आसचौरा के पास ले गया, जहां दोनों ने मिलकर चाकू से मारकर दुर्गेश की हत्या कर पुलिया के पास शव को फेंक दिया था। गिरफ्तार करने वाली टीम में थानाध्यक्ष आरएस नागर, उप निरीक्षक राजीव कुमार, कांस्टेबल अभय प्रताप सिंह, आलोक कृष्ण वर्मा, दिनेश चंद्र यादव आदि रहे।