नगर पालिका परिषद की गुरुवार को आयोजित बैठक काफी हंगामेदार रही। शुरुआत में दो घंटे तक शांति के बीच चली बैठक में तीन प्रस्तावों को सर्वसम्मति से मंजूरी मिल गई लेकिन अंतिम समय में सभासदों ने हंगामा कर दिया। दाखिल खारिज की अनापत्ति के प्रस्ताव की बहस शुरू हुई तो सपा और भाजपा पार्षदों में नोकझोंक शुरू हो गई। दोनों पक्षों में धक्कामुक्की भी होने लगी। बवाल बढ़ता देख चेयरमैन रेखा शर्मा बैठक स्थगित करने की घोषणा कर मौके से चली गईं।
पालिका परिषद की बैठक अपराह्न दो बजे शुरू हुई। सबसे पहले शास्त्री जी की प्रतिमा से हनुमान मंदिर तक बलुआ घाट जाने वाले रास्ते पर इंटरलाकिंग का काम कराने का प्रस्ताव पेश किया गया। सभासद विनोद सिंह और अशोक साहनी ने कहा कि यह मार्ग पीडब्ल्यूडी के अधिकार में है, नगर पालिका कैसे निर्माण कराएगी। इस पर अधिशासी अधिकारी ने बताया कि पीडब्ल्यूडी से अनुमति लेकर काम कराया जाएगा। इस पर सर्वसम्मति से मंजूरी मिल गई।
इसके बाद सभासद सोमनाथ बारी ने मैनहोल के एक हजार ढक्कनों की आपूर्ति का प्रस्ताव रखा, जिसे मंजूर कर दिया गया। दाखिल खारिज के आपत्ति संबंधी प्रस्ताव की सुनवाई होने पर सपा और भाजपा सभासदों में बहस होने लगी। कुछ ही देर में हंगामा और धक्कामुक्की होने लगी। इस पर चेयरमैन बाहर चली गईं। कुछ देर बाद वह लौटीं तो फिर हंगामा होने लगा। बवाल बढ़ता देख चेयरमैन ने बैठक स्थगित कर दी। इस मौके पर सभासद संतोष शर्मा, संतराम, रामजी, राजेंद्र, लल्लन सोनकर, अशरफ राइन और कृष्ण मोहन आदि मौजूद थे।