नगर निगम की ओर से प्रतिदिन 1000 टन कूड़ा शहर से उठाया जाता है। इनमें 40 प्रतिशत गीला कूड़ा होता है। इसके अलावा 35 प्रतिशत सूखा कूड़ा होता है। खतरनाक कूड़ा 15 प्रतिशत और बायोमेडिकल में 10 प्रतिशत कूड़ा होता है। ज्यादातर कूड़ा मिश्रित आता है। जिसे करसड़ा प्लांट पर ले जाकर छंटाई की जाती है। इसके बाद इसका निस्तारण होता है।
क्या कहते हैं अधिकारी
कूड़ा प्रबंधन में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी मुख्य सफाई एवं खाद्य निरीक्षकों को निर्देश दिया गया है कि वह डस्टबिन वितरण और स्टिकर चिपकाने की फोटो साक्ष्य के साथ रिपोर्ट तत्काल उपलब्ध कराएं। -सविता यादव, अपर नगर आयुक्त