फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Varanasi: मोक्ष की चाहत रखने वालों के लिए खुले काशी विश्वनाथ धाम के दरवाजे, अब तक चार वृद्धों ने त्यागा देह

Fri, 16 Jun 2023 08:25 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

काशी विश्वनाथ धाम का मुमुक्षु भवन जहां मोक्ष की कामना से आते हैं वृद्धजन। बीते साल अगस्तम में उद्घाटन के बाद से अबतक 41 वृद्धजन इस भवन में काशीवास कर चुके हैं। इनमें से तीन वृद्धों की मोक्ष प्राप्ति हुई है। 
विज्ञापन
मुमुक्षु भवन - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

ऐसी मान्यता है कि काशी में मृत्यु से मुक्ति मिलती है। धार्मिक मान्यता है की महाश्मशान मणिकर्णिका घाट पर चिता की अग्नि कभी बुझती नहीं है। इन्हीं मान्यताओं को ध्यान में रखते हुए मणिकर्णिका घाट के निकट श्रीकाशी विश्वनाथ धाम में मुमुक्षु भवन (बैद्यनाथ भवन) का भी निर्माण कराया गया है। यहां बीमार, आसक्त बुजुर्गों की सेवा नि:शुल्क की जाती है।

विज्ञापन


तीन मंजिला इस भवन में 40 बेड हैं। काशी में मुमुक्षु भवन का काफी पौराणिक महत्व है। जीवन का अंतिम समय काशी पुराधिपति भगवान शिव के धाम में उनके चरणों में व्यतीत करने को मिले तो लोग अपने आप को भाग्यशाली मानते हैं। मुमुक्षु भवन को संचालित करने वाली संस्था के मैनेजर कौमुदीकांत आमेटा  ने बताया कि अभी तक 45 वृद्ध लोग यहां प्रवास कर चुके हैं।

जिसमें से चार बुजुर्गों को  मुक्ति मिली है। एक बार में करीब एक महीने तक रहने की व्यवस्था दी जाती है।  काशीवास करने आए वृद्धजन यहां नियमित कीर्तन-भजन और बाबा के दर्शन करते हैं। दो मंजिला ये इमारत 1161 वर्ग मीटर में बना है।

विज्ञापन
विज्ञापन

मुमुक्षु भवन में रहने वाले वृद्धजन - फोटो : अमर उजाला
श्री काशी विश्वनाथ धाम में गंगा के छोर पर बने पहली मंजिल पर महिला एवं दूसरी मंजिल पर पुरुष अलग वार्ड है।  जबकि पहली मंजिल पर पति-पत्नी के साथ रहने की भी व्यवस्था है। बता दें कि बनारस का यह तीसरा मुमुक्षु भवन है जहां लोग मोक्ष की कामना से रह रहे हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें