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मऊ विधायक मुख्तार के करीबी मेराज का अवैध निर्माण ध्वस्त

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वाराणसी। मऊ सदर विधायक मुख्तार अंसारी के करीबी मेराज अहमद उर्फ भाई मेराज के अवैध निर्माण को बृहस्पतिवार को विकास प्राधिकरण की टीम ने ध्वस्त कर दिया। वीडीए की प्रवर्तन टीम ने नोटिस पर कार्रवाई नहीं होने के बाद बलपूर्वक अवैध निर्माण हटाया। इस दौरान भारी पुलिस बल मौजूद रहा।
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जैतपुरा थाना क्षेत्र में मुख्तार अंसारी के करीबी और हाल ही में सरेंडर करने वाले मेराज अहमद उफ़ॱर भाई मेराज का अशोक विहार में मकान है। वीडीए के फ्लैट में बिना अनुमति के वन बीएचके फ्लैट के पीछे तीन मंजिला अवैध निर्माण कर लिया गया था। अवैध निर्माण ध्वस्त करने जब मौके पर वीडीए और पुलिस पहुंची तो मेराज के करीबियों ने विरोध करने की कोशिश की, लेकिन प्रशासन के आगे उनकी एक न चली। वीडीए के जोनल अधिकारी परमानंद यादव ने बताया कि अशोक विहार कॉलोनी फेज वन में मेराज अहमद पुत्र जलालुद्दीन के हाउस नंबर 435 (सोनी मंजिल) के पिछले हिस्से में अवैध निर्माण कराया गया था। इस संबंध में वीडीए ने दो महीने पहले मेराज को नोटिस जारी कर अवैध निर्माण को खुद से ध्वस्त करने के लिए कहा था। अवैध निर्माण खुद से न ध्वस्त किए जाने पर वीडीए की टीम पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंची और अवैध निर्माण को बुलडोजर से तोड़ दिया। वीडीए के अधिकारियों ने बताया कि मेराज के द्वारा वन बीएचके फ्लैट के पीछे मनमाने ढंग से तीन मंजिला निर्माण कराया गया था। इसके अलावा बगल में पड़ी खाली जमीन पर भी मेराज ने कब्जा कर लिया था।
800 वर्ग फीट के फ्लैट पर पांच हजार वर्ग फीट अवैध निर्माण
अशोक विहार कालोनी में मेराज अहमद के नाम पर करीब 800 वर्ग फीट का फ्लैट है। मगर, बगल में करीब एक हजार वर्ग फीट के खाली जमीन पर तीन मंजिला अवैध निर्माण किया गया था। इसमें दो फ्लैट को एक कर उसे बंगलानुमा आकार दे दिया गया था। मेराज के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बाद सितंबर महीने में वीडीए ने अवैध निर्माण हटाने के लिए नोटिस जारी किया था।
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तीन मंजिला अवैध निर्माण से वीडीए पर सवाल
अशोक विहार कालोनी विकास प्राधिकरण की योजना के तहत बसाई गई है। यहां वन बीएचके फ्लैट के पीछे तीन मंजिला निर्माण विकास प्राधिकरण की कार्यशैली पर सवाल है। सबसे अहम बात यह है कि अवैध निर्माण के साथ ही सरकारी जमीन पर कब्जा किया गया था। मगर, वर्षों तक वीडीए ने कोई कार्रवाई की।
फर्जी दस्तावेज के आधार पर लाइसेंस का आरोप
विधायक मुख्तार अंसारी के करीबी मेराज पर फर्जी दस्तावेज के आधार पर शस्त्र लाइसेंस बनवाने के भी आरोप हैं। काफी समय फरार रहने के बाद मेराज ने पुलिस के समक्ष समर्पण किया था।
सितंबर महीने मेें अवैध निर्माण ध्वस्त करने के लिए मेराज अहमद को नोटिस जारी किया गया था। इसमें उन्हें अवैध निर्माण हटाने के लिए समय दिया गया था। नहीं हटाने पर वीडीए की टीम ने कार्रवाई की है। - राहुल पांडेय, उपाध्यक्ष, विकास प्राधिकरण
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