बांदा जेल में बंद माफिया मुख्तार अंसारी की मौत के बाद रोज नई-नई बातें सामने आ रही हैं। परिजन इसे स्वाभाविक मौत नहीं मान कर हत्या के आरोप रहे हैं। वहीं सूत्रों से पता चला है कि मुख्तार को पेट की तकलीफ तो थी। उन्होंने बताया कि इस बात की पुष्टि इस बात से भी होती है कि जब भी कोई डॉक्टर उसे देखने जेल जाता था तो वह अपने दोनों हाथ पेट पर रखकर कहता था, इसका कुछ करो डॉक्टर साहब, यह पेट तो लगता है कि जान ही लेकर छोड़ेगा।
पिछले कई दिन से मुख्तार की तबीयत थी खराब
पूर्वांचल के डॉन कहे जाने वाले माफिया मुख्तार अंसारी की गुरुवार की रात मौत हो गई थी। पिछले कई दिन से मुख्तार की तबीयत खराब चल रही थी। इससे पहले भी जेल से मुख्तार को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालांकि इलाज के बाद मुख्तार को वापस जेल भेज दिया गया था। गुरुवार को अचानक फिर से मुख्तार की तबीयत बिगड़ी, आनन फानन उसे मंडलीय कारागार से मेडिकल कॉलेज लाया गया। यहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। रात करीब साढ़े दस प्रशासन ने मुख्तार की मौत की पुष्टि की।
मुख्तार अंसारी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी हुई वायरल
सोशल मीडिया पर मुख्तार अंसारी के शव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के कुछ अंश वायरल हुए हैं। संवाद न्यूज एजेंसी इसकी पुष्टि नहीं करती है। वायरल रिपोर्ट में मृत्यु का कारण शॉक और मायोकार्डियल इंफ्रैक्शन (एमआई) दर्शाया गया है। मेडिकल में शॉक का मतलब ब्लड प्रेशर का कम हो जाना है। एमआई का मतलब हार्ट का एक हिस्सा पीला पड़ जाना है। सूत्रों के मुताबिक मुख्तार अंसारी के हार्ट का लगभग 2x1.5 सेंटीमीटर हिस्सा पीला पड़ गया था। उस पीले हिस्से में ब्लड के क्लाॅट पाए गए थे। इसी से मौत की वजह मायोकार्डियल इंफ्रैक्शन दिखाई गई है। इसके अलावा आंतें भी फूली मिली हैं। बाएं कान से खून आना भी दिखाया गया है।
मृत्यु से पहले मुख्तार के वकील ने प्रशासन पर धीमा जहर देने का लगाया था आरोप
मृत्यु से एक सप्ताह पूर्व माफिया मुख्तार ने अधिवक्ता के जरिए बाराबंकी की एमपीएमएलए कोर्ट में प्रशासन पर धीमा जहर देने का आरोप लगाया था। इस आरोप के मद्देनजर प्रशासन ने पोस्टमार्टम में मृत्यु की वजह स्पष्ट होने के बावजूद शव का बिसरा प्रिजर्व कराया है। बिसरा प्रिजर्व में शरीर के पांच आर्गन को शामिल किया गया है। सूत्रों के मुताबिक पैनल में शामिल डॉक्टरों ने बिसरा को पुलिस को साैंप दिया है। इस संबंध में शहर कोतवाल अनूप दुबे ने बताया कि बिसरा को जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला प्रयागराज भेजा जा रहा है।