आने वाले तीन वर्षों में मुगलसराय के अलीनगर और इलाहाबाद में स्थापित पेट्रोलियम डिपो बंद हो जाएंगे। इनकी जगह मिर्जापुर में उच्च क्षमता का एक नया डिपो स्थापित किया जाएगा। इसके लिए सरकार से 100 एकड़ जमीन ले ली गई है।
यह जानकारी बीते शुक्रवार को वाराणसी पहुंचे इंडियन ऑयल कारपोरेशन (आईओसी) के कार्यकारी निदेशक हर्ष सचदेवा और कार्यकारी निदेशक उत्तर प्रदेश अरुण कुमार गंजू ने दी। उन्होंने बताया कि डिपो की सुरक्षा और परिवहन में आसानी के साथ ही क्षमता वृद्धि के मद्देनजर यह निर्णय लिया गया है।
मुगलसराय और इलाहाबाद के तेल डिपो के मिर्जापुर में शिफ्ट होने के बाद डिपो की सुरक्षा और परिवहन पर होने वाले खर्चों में कमी आएगी। साथ ही, डिपो की क्षमता वृद्धि से बढ़ती जरूरतों के सापेक्ष आपूर्ति को सुचारु बनाए रखने में मदद मिलेगी।
बताया कि मिर्जापुर में चिह्नित जमीन को हस्तांतरित कराने की प्रक्रिया चल रही है। इसके पूरा होते ही निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा, जो तीन साल में पूरा कर दिया जाएगा।
मौजूदा अलीनगर डिपो की क्षमता लगभग 40 हजार किलोलीटर और इलाहाबाद डिपो की क्षमता 35 हजार किलोलीटर है। मिर्जापुर में नया डिपो स्थापित होने के बाद पहले चरण में 80 हजार किलो लीटर क्षमता हो जाएगी। इसके बाद दूसरे चरण में क्षमता और बढ़ाई जाएगी। साथ ही, प्लांट पूरी तरह ऑटोमैटिक हो जाएगा।
कचरे से बनाएंगे बिजली, जगमग होंगी स्ट्रीट लाईटें
शहरी क्षेत्र से निकलने वाले कचरे से इंडियन ऑयल बिजली उत्पादन करेगा। इसके लिए नगर निगम के क्षेत्र में कुल 10 प्लांट लगाने हैं। इसमें से तीन वेस्ट टू एनर्जी प्लांट सीएसआर फंड से लगा दिए गए हैं। सात के लिए नगर निगम से जमीन मांगी गई है।
यह जानकारी बाबतपुुर स्थित इंडउेन गैस के बॉटलिंग प्लांट में पत्रकारों की विजिट के दौरान डीजीएम प्लांट संजय त्रिपाठी ने दी। इन दसों प्लांट से पैदा होने वाली करीब 400 किलो वाट बिजली का उपयोग शहर की स्ट्रीट लाइटों में किया जाएगा।
प्लांट की विजिट में अधिकारियों ने बताया कि एलपीजी के सिलेंडर कितने सुरक्षा मानकों से गुजरते हुए उपभोक्ताओं तक पहुंचते हैं। ऑटोमैटिक प्लांट में मानक-अमानक के अलावा एक्सपायरी आदि सिलेंडरों तक की जांच मशीनें ही करती है।
अब जल्द आएगा पारदर्शी सिलेंडर
जल्द ही बाजार में ऑयल कंपनियां पारदर्शी सिलेंडर उतारने जा रही हैं। जिसमें ग्राहक सिलेंडर में कितनी गैस भरी हुई है, इसको देख सकेंगे। इस तरह के फाइवर मेड सिलेंडर का परीक्षण सफल रहा है।
आईओसी के अधिकारियों के मुताबिक यह न तो पटकने पर फूटेगा और न ही छोटी-मोटी आग से उसको नुकसान पहुंचेगा। उसकी आयु भी लोहे से अधिक होगी। इसको बाजार में उतारने में जो परेशानी है वह है उसकी कीमत।
फाइबर के सिलेंडर की कीमत करीब 6000 रुपए है, जबकि लोहे के सिलेंडर की कीमत 1600 रुपये है। ऐसे में ग्राहकों पर लोड बढ़ेगा। इसलिए अभी बाजार में उतारने में परेशानी आ रही है।
चोरी रोकने के लिए पेट्रोल पंपों पर लगेंगी हाईटेक मशीनें
लखनऊ के पेट्रोल पंपों की मशीनों में चिप लगाकर तेल चोरी की घटना के मद्देनजर इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) अब हाईटेक मशीनें लगाने जा रहा है। पेट्रोल पंपों को ये मशीनें आईओसी ही मुहैया कराएगा।
इनके लगने के बाद जैसे ही कोई ऑपरेटर उससे किसी तरह की छेड़छाड़ की कोशिश करेगा, मशीन ऑटोमैटिक लॉक हो जाएगी। आईओसी के अधिकारियों ने बताया कि भारत सरकार की उड़ान परियोजना में कानपुर, इलाहाबाद और बरेली में इंडियन ऑयल एयरक्रॉफ्ट में ईंधन की आपूर्ति करेगा।
वहीं कुशीनगर में बनने जा रहे इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भी यह सुविधा उपलब्ध रहेगी। आईओसी प्रदेश भर में वाहनों को ईंधन मुहैया कराने के लिए 650 बॉयो सीएनजी प्लांट स्थापित करेगा। इनमें कंप्रेस्ड बॉयो मीथेन गैस (सीबीजी) के भी प्लांट होंगे।
इस योजना पर 1650 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके लिए आईओसी ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन उत्तरी क्षेत्र के कार्यकारी निदेशक हर्ष सचदेवा और कार्यकारी निदेशक उत्तर प्रदेश अरुण कुमार गंजू ने शुक्रवार को बनारस में बताया था कि वाहनों को सीबीजी और सीएनजी मुहैया कराने के लिए शहरी क्षेत्रों के साथ ही ग्रामीण रिटेल नेटवर्क तैयार किया जाएगा। सीबीजी और सीएनजी दूसरे ईंधन के मुकाबले सस्ता होने के साथ ही इससे प्रदूषण भी कम होगा।
पेट्रोल पंपो पर मिलेगा सस्ता ट्यूब लाइट और पंखा
बाबतपुर स्थित इंडेन गैस के बॉटलिंग प्लांट में आयोजित प्रेसवार्ता में दोनों अधिकारियों ने बताया कि प्रदूषण को कम करने में सहायक बी-6 ईंधन को बढ़ावा देने के लिए यह योजना तैयार की गई है। बताया कि इंडियन ऑयल ने वर्ष 2017-18 में पांच लाख करोड़ का करोबार किया है।
इसमें 21 हजार करोड़ रुपये की आय हुई है, जो अब तक के इतिहास में सर्वाधिक है। वहीं एलपीजी वितरण के मामले में वर्ष 2016-17 में 55 प्रतिशत हिस्सेदारी थी, वहीं 2017-18 में 80 प्रतिशत से अधिक हो गई है।
इससे उत्साहित आईओसी वर्ष 2018-19 को ईयर ऑफ ट्रस्ट (विश्वास का वर्ष) के रूप में मना रहा है। ग्राहकों के लिए गुणवत्ता और सुविधाएं और विकसित की जा रही हैं। ईईएसएल से एमओयू के आधार पर अब जल्द ही इंडियन ऑयल के चुनिंदा पेट्रोल पंपों से एलईडी बल्ब 70 रुपये में, ट्यूब लाइट 220 रुपये में और पंखा 1200 रुपए में उपलब्ध कराए जाएंगे। उपलब्धता के आधार पर अन्य पेट्रोल पंपों पर भी इसे शुरू किया जाएगा।