बीएचयू ईएनटी डिपार्टमेंट के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सुशील कुमार अग्रवाल ने बताया कि ब्लैक फंगस से ग्रसित बृहस्पतिवार को जो 3 मरीज आए थे उन्हें भी कोरोना सहित अन्य जांच कराने का सुझाव दिया गया है जिसके बाद उनके ऑपरेशन का फैसला होगा।
डॉ. अग्रवाल ने बताया कि ऑनलाइन परामर्श में जो भी सलाह ले रहा है,उसे सतर्कता बरतने के साथ ही जरूरत पड़ने पर विभाग में बुलाकर जांच भी की जा रही है। बताया कि बुधवार को जिस महिला का ऑपरेशन हुआ था उसकी सेहत में भी धीरे धीरे सुधार हो रहा है।
ब्लैक फंगस से ग्रसित जिस महिला का बीते बुधवार ऑपरेशन हुआ था,वो कोविड आईसीयू में भर्ती है। डॉक्टर अग्रवाल के मुताबिक उसे ठीक होने में करीब दो महीने का समय लग सकता है। एंटी फंगल दवाएं दी जा रही है। डॉक्टरों की टीम महिला की निगरानी कर रही है। बता दें कि ब्लैक फंगस से पीड़ित कोरोना संक्रमित 50 वर्षीय महिला का ऑपरेशन के दौरान उसका जबड़ा, आंख निकालना पड़ा। इसके अलावा गाल के नीचे की हड्डी भी निकालना पड़ी। अब एंटी फंगल दवाइयां चलेंगी। बताया कि जब बिल्कुल ठीक हो जाएंगी तब नकली जबड़ा लगाया जाएगा। गाल की हड्डी भी लगेगी।