कैंट स्टेशन : सूर्योदय के बाद कम होती गई भीड़, सूर्यास्त के बाद बढ़ती गई
दिल्ली में भगदड़ की घटना को देखते हुए कैंट, बनारस और सिटी स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा तंत्र रविवार को सतर्क रहा। महाकुंभ आवाजाही करने वाली ट्रेनों में विशेष निगरानी रही। दिन में स्टेशन पर भीड़ कम रही, लेकिन सूर्यास्त के बाद भीड़ का क्रम बना तो देर रात तक जारी रहा।
ट्रेनों की लेटलतीफी के चलते यात्रियों की भीड़ और भी बढ़ती गई। बाहरी क्षेत्र में सीआरपीएफ और प्लेटफाॅर्मों, यात्री हाॅल समेत एफओबी पर आरपीएसएफ, आरपीएफ, जीआरपी और पीएसी ने सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन व्यवस्था की कमान संभाले रही।
अपर पुलिस आयुक्त कानून एवं व्यवस्था एस. चनप्पा ने स्टेशन निदेशक अर्पित गुप्ता से स्टेशन परिसर की सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन की जानकारी ली और स्टेशन परिसर का हाल भी जाना। सुरक्षा तंत्रों को निर्देशित किया कि किसी के साथ दुर्व्यवहार नहीं हो और हर कोई सुरक्षित और सुविधा से सफर कर पाए।
रेलवे स्टेशन पर पुलिस ने संभाला मोर्चा।
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अब 23 फरवरी तक बंद रहेंगे कक्षा आठ तक के स्कूल
महाकुंभ से पलट प्रवाह और जाम की स्थिति को देखते हुए शहरी क्षेत्र के कक्षा एक से आठ तक के सभी स्कूल 22 फरवरी तक बंद कर दिए गए। पहले की तरह ऑनलाइन पढ़ाई जारी रहेगी। 23 को रविवार है, इसलिए स्कूल 24 फरवरी को खुलेंगे। यह पांचवां मौका है, जब स्कूल बंद करने के आदेश जारी किए गए।
जिला बेसिक शिक्षाधिकारी डॉ. अरविंद कुमार पाठक ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश के क्रम में यूपी बोर्ड, सीबीएसई और सीआईएससीई से संबद्ध स्कूलों को बंद किया गया है। यह आदेश ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों पर नहीं लागू होगा। ग्रामीण क्षेत्र के स्कूल पहले की तरह खुलेंगे। दरअसल, पलट प्रवाह की वजह से शहरी क्षेत्र के कक्षा आठ तक के स्कूल 27 जनवरी से ही बंद चल रहे हैं।
पहली बार 27 जनवरी से पांच फरवरी, दूसरी बार छह से नौ फरवरी, तीसरी बार 11 से 14 फरवरी और चौथी बार 15 से 17 फरवरी तक स्कूल बंद करने के आदेश जारी किए गए थे। पांचवीं बार 22 फरवरी तक स्कूलों को बंद रखने का आदेश जारी किया गया। 23 को रविवार है, इसलिए स्कूल 24 फरवरी को खुलेंगे।
रथयात्रा-भेलूपुर मार्ग रहा भीषण जाम की जद में
रथयात्रा से कमच्छा होते हुए भेलूपुर मार्ग रविवार को भीषण जाम की जद में रहा। बाहर से आए श्रद्धालुओं के वाहनों का भारी दबाव दिखा। जाम के कारण वाहन रेंगते नजर आए। कुछ ऐसी ही स्थिति रथयात्रा से गुरुबाग होते हुए कमच्छा की तरफ जाने वाली सड़क पर रही।
रवींद्रपुरी में सड़क के दोनों तरफ वाहन खड़े कर दिए गए। इस कारण जाम की समस्या रविवार को भी गहराई रही। कैंट रेलवे स्टेशन के सामने यातायात धीमी गति से चलता दिखा। वाहनों का जबरदस्त दबाव रहा। इसी तरह से पांडेयपुर, चौकाघाट, हुकुलगंज, लहुराबीर, तेलियाबाग, मलदहिया, सामने घाट से रामनगर और राजघाट से पड़ाव मार्ग पर भी ट्रैफिक का दबाव ज्यादा रहा। वाहन पांच किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रहे थे।