जिस समय हादसा हुआ, उस दौरान परिवार का कोई अन्य सदस्य घर में नहीं था। विनोद की पत्नी सुमन और बेटा सनी सिंह वाराणसी से दवा लेकर घर आए तो दोनों को अचेत पड़ा देख शोर मचाया। गांव के लोग मौके पर पहुंचे और बिजली आपूर्ति बंद कराई। इसके बाद मां-बेटे को सेवापुरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, वहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
थानाध्यक्ष कपसेठी राजू दिवाकर ने बताया कि शुरुआत में ग्रामीणों ने गलत सूचना दी थी। ग्रामीणों का कहना था कि बिजली के खंभे का तार टूटने से करंट की चपेट में आने से मां-बेटे की मौत हुई है। बाद में सामने आया कि घर में कूलर का प्लग बोर्ड में लगाते समय करंट की चपेट में आने से मां-बेटे की मौत हुई है।