इस साल 50 हजार रुपये से ज्यादा का दान देने वाले सिर्फ 16 भक्तों ने विश्वनाथ मंदिर के अन्नक्षेत्र को 1.14 करोड़ रुपये दान दिए हैं। वहीं, 2026 में कुल भक्तों ने एक करोड़ 42 लाख 57 हजार रुपये से ज्यादा के दान किए। 2025 में 61 लाख रुपये तक दान दिए गए हैं।
2025 में 351 दान प्रविष्टियां थीं, जो कि 312 अलग-अलग दाताओं की ओर से दी गईं थीं। वहीं 2026 में 257 दान प्रविष्टियां 237 अलग-अलग दाताओं की ओर से दी गईं। वहीं 2017-18 से लेकर 2023-24 के बीच दान के आंकड़े चार गुना तक बढ़ गए हैं।
कॉरिडोर से पहले सालाना दान 20 करोड़ था मगर कॉरिडोर बनने के बाद 84 करोड़ पर पहुंच गया। किसी ने 23 तो कोई 7 बार दिया दान : एक कंपनी की ओर से 23 बार में दो लाख रुपये का दान दिया गया। संजय जीवन दास खत्री ने सात बार में 63 हजार का दान किया।
सत्येंद्र भैंसरे ने पांच बार एक लाख रुपये दान दिए। सिद्धार्थ गुप्ता ने पांच बार में 55 हजार रुपये, अनंता वेंकटेश ने तीन बार में 60 हजार, एम विसलेम ने दो बार में डेढ़ लाख और सुब्रह्मण्यम अय्यर ने दो बार में 71 हजार रुपये दान किए।
11.33 लाख का यूपीआई भी हुआ : 893 भक्तों ने बाबा विश्वनाथ को 11.33 लाख रुपये का यूपीआई और ऑनलाइन भुगतान किया। प्रति भक्त एक रुपये से लेकर एक लाख रुपये तक दिए गए। औसत रूप से हर भक्त ने 1268 रुपये का दान किया। एक भक्त ने तो कई फिल्मों के नाम पर दान किया है। कई भक्तों ने परिवार के कल्याण, मंदिर रखरखाव, ब्राह्मण भोज, स्वास्थ्य, आनंद, सफलता, पितृ शांति आदि कार्यों के लिए दान किया।