लॉकडाउन में सरकार का निर्देश है कि जरूरतमंदों के पास कार्ड न हो तब भी उन्हें राशन दिया जाए। यहां कार्ड धारकों के साथ ही बदसलूकी और मारपीट हो रही है। वाराणसी के बड़ागांव विकास खंड के चकिया गांव के कोटेदार और उसके परिवार के लोगों ने शुक्रवार को कार्ड धारक मां-बेटे को बंधक बनाकर पिटाई की।
इस मामले में कपसेठी थाने में कोटेदार सहित छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने दो को हिरासत में लिया है। कपसेठी थाना अंतर्गत सियरहा गांव की परमशीला देवी अपने बेटे सूरज के साथ चकिया गांव स्थित राशन की दुकान पर राशन लेने गई थी।
कोटेदार दिवाकर दूबे ने राशन के बदले में पैसे की मांग की तो परमशीला और सूरज ने विरोध किया। दोनों ने कहा कि राशन गरीबों को नि:शुल्क देने के लिए आया है। परमशीला का आरोप है कि यह सुनते ही कोटेदार गालीगलौज करने लगा। विरोध करने पर कोटेदार के परिवार के लोग मौके पर आए और परमशीला व सूरज को कमरे में बंद कर पीटने लगे।
इसकी जानकारी होने पर सियरहा गांव के तेगा सिंह, जयप्रकाश सिंह समेत कई लोग मौके पर पहुंचे और किसी तरह से दरवाजा खुलवाकर दोनों को बाहर निकाला। आरोप है कि कोटेदार के परिवार की महिलाएं परमशीला के एक कान का कर्णफूल भी नोच लीं। घटना की जानकारी मिलने पर चौकी इंचार्ज धौकलगंज मौके पर पहुंचे और दो लोगों को हिरासत में ले लिया।
इस मामले में कोटेदार दिवाकर दुबे समेत छह के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। परमशीला ने बताया कि लगातार तीन दिन बुलाने के बाद भी कोटेदार राशन नहीं दे रहा था और सिर्फ टालमटोल कर रहा था। वहीं, इस संबंध में एसडीएम पिंडरा के मणिकंडन ने कहा कि कोटेदार के खिलाफ आपूर्ति निरीक्षक से जांच कराई जाएगी। यदि मामला सही मिला तो कोटेदार के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी।