किर्गिस्तान से वाराणसी का किराया इस समय 40 से 45 हजार है। सोनू सूद से ट्विटर पर गुहार लगाई गई तो उन्होंने स्पाइस जेट का चार्टर विमान बुक कराया। इसमें 24 हजार रुपये छात्र और 15 से 18 हजार रुपये सोनू सूद ने खुद वहन किए। इस वजह से हम सभी 135 छात्र-छात्राएं अपने-अपने घर पहुंचे।
संतकबीरनगर के रहने वाले अबू सुफयान ने बताया कि किर्गिस्तान से वापस घर आने के लिए लोग बेताब और परेशान हैं। हम अपने को भाग्यशाली मानते हैं कि घर पहुंच गए। अभी भी दो से तीन हजार छात्र भारत आने के लिए परेशान हैं।
मेडिकल के छात्र मार्कंडेय बाबतपुर एयरपोर्ट पर उतरे तो उन्हें परमानंदपुर स्थित एक क्वारंटीन सेंटर में रखा गया। मार्कंडेय के अनुसार रात में एयरपोर्ट से सीधे सेंटर पहुंचे लेकिन भोजन व पानी नहीं मिला।
जब एयरपोर्ट पर हमारे एक मिलने वाले भोजन लेकर आए तो यह कह कर भोजन नहीं करने दिया गया कि क्वारंटीन सेंटर में भोजन मिलेगा। दो दिन से बिना कुछ खाए पिए किर्गिस्तान से वाराणसी पहुंचा था, यहां भी भूखे रख दिया गया। इसलिए शुक्रवार की सुबह नोडल अधिकारी से वार्ता कर खुद को होम क्वारंटीन कर लिया हूं।