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सावन का 7वां सोमवार: अर्धनारीश्वर स्वरूप में बाबा विश्वनाथ ने भक्तों को दिए दर्शन, साढ़े 5 लाख लोग पहुंचे

Tue, 22 Aug 2023 12:59 PM IST
अनुज कुमार अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी

सार

सातवें सोमवार को श्री काशी विश्वनाथ धाम में भक्तों का सैलाब उमड़ा। काशी विश्वनाथ धाम में बाबा के अर्धनारीश्वर स्वरूप का भक्तों ने दर्शन किया। श्रावण मास के सातवें सोमवार तक 1.34 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा के दर्शन किए।
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अर्धनारीश्वर स्वरूप में बाबा विश्वनाथ ने श्रद्धालुओं को दिए दर्शन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सर्वकामनाओं की पूर्ति की प्रार्थना के साथ सावन के सातवें सोमवार पर लाखों शिवभक्तों ने बाबा के दरबार में शीश नवाए। श्री काशी विश्वनाथ ने श्रद्धालुओं को अर्धनारीश्वर स्वरूप में दर्शन दिए। बाबा के ये स्वरूप देख श्रद्धालु गदगद हुए। बाबा की शयन आरती तक दर्शन और जलाभिषेक का क्रम चलता रहा। शाम तक साढ़े पांच लाख भक्तों ने दर्शन किए। भोर में मंगला आरती के बाद रात से ही कतार में लगे भक्त हर हर महादेव के साथ दर्शन करने लगे। इस दौरान मंदिर प्रबंधन की ओर से पुष्पवर्षा की गई।

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एक कतार दशश्वमेध से गोदौलिया होते बाबा दरबार को जा रही थी। वहीं, दूसरी ज्ञानवापी से चौक नीचीबाग की ओर। इस बार कांवड़ियों की तादाद अधिक रही। डाकबम को गेट नंबर चार से प्रवेश कराया गया। अन्य प्रांतों के तीर्थयात्रियों की भी भीड़ दिखी। सोमवार को जलार्पण के लिए रविवार की रात से ही भक्तों के कतार में लगने का सिलसिला शुरू हो गया था। मध्यरात्रि तक ज्ञानवापी के दोनों तरफ कतार लग चुकी थी। सहायता शिविरों के बाहर कांवड़ियों की टोलियां रातभर नाचते-गाते बाबा की भक्ति में मगन रहे। मंदिर के आसपास की गलियां भी कांवड़ियों से पटी रहीं।

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चहुंओर रही कड़ी सुरक्षा

गंगा के घाटों से लेकर बाबा के दरबार तक कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रही। स्थानीय लोगों, तीर्थयात्रियों और सैलानियों को विश्वनाथ मंदिर परिक्षेत्र के अन्य मंदिरों व होटल-लॉजों तक पहुंचने में दिक्कत न हो इसका भी ख्याल रखा गया था। अधिकारियों का भ्रमण लगातार बना रहा। नागरिक सुरक्षा, एनसीसी के कैडेट भी दर्शनार्थियों की सेवा में लगे रहे।

सामाजिक संगठनों ने की सेवा

काशी विश्वनाथ धाम - फोटो : अमर उजाला
मौसम के मिजाज को देखते हुए धाम में पेयजल की व्यवस्था की गई थी। धाम में मेडिकल कैंप भी लगाया गया था। वहीं, विश्वनाथ मंदिर परिक्षेत्र में विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों ने सेवा शिविर लगाया। मैदागिन, बांसफाटक, गिरजाघर, चितरंजन पार्क के पास, जंगमबाडी, लक्सा, रथयात्रा आदि इलाकों में शिविर लगाकर स्वयंसेवक श्रद्धालुओं की सेवा में लगे रहे। चाय, पानी, फलाहार आदि वितरित किया गया।
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भीड़ से गंगा घाट पर जाने से रोक

दशाश्वमेध घाट पर सुबह कुछ समय के लिए बढ़ती भीड़ को गंगा घाट की तरफ जाने से रोका गया। उन्हें दूसरे घाटों की तरफ भेजा गया। भीड़ को देखते हुए गिरजाघर से पैदल प्रवेश पर भी करीब एक घंटे तक रोक लगाई गई। के लिए रोक दिया गया था। लोग आसपास की गलियों से जा रहे थे।
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