बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल में दूसरे की जगह ड्यूटी करते पकड़े गए फर्जी इंटर्न से पूछताछ की गई है। उन्होंने पुलिस को जो जानकारी दी है, वह चौंकाने वाली है। उनका कहना है कि बड़ी संख्या में ऐसे लोग हैं, जो एमसीएच विंग के साथ ही अस्पताल की इमरजेंसी में सेवा दे रहे हैं। किन लोगों के नाम पर ऐसा किया जा रहा है, पुलिस उनकी तलाश में जुटी है।
जिस तरह से जांच आगे बढ़ रही है, उससे अनुमान लगाया जा रहा है कि कई तरह की गड़बड़ियां खुलकर सामने आएंगी। अस्पताल परिसर में कभी बेहतर इलाज तो कभी जल्द जांच कराने के नाम पर मरीजों को ठगने का मामला सामने आता है। इनमें फर्जी इंटर्न की मिलीभगत रहती है। अस्पताल प्रशासन की हर घटना के बाद कठोर कदम उठाए जाने की बात भी कही जाती है, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती है। इस वजह से फर्जीवाड़ा करने वालों का मनोबल बढ़ा है।
बीएचयू सिंह द्वार के बाहर पुलिस और छात्र।
- फोटो : अमर उजाला
इन सवालों के जवाब मिलने बाकी
- एमसीएच विंग संवेदनशील माना जाता है, फिर भी बाहरी आकर ड्यूटी करते रहे।
- विंग में कार्यरत डॉक्टर व कर्मचारियों को इसकी भनक क्यों नहीं लगी।
- इंटर्न फर्जी हैं तो इनकी उपस्थिति सहित अन्य कागजात की जांच क्यों नहीं की गई।
- सीसीटीवी कैमरे भी लगे हैं, फिर भी फर्जीवाड़ा कैसे।
- बिना किसी कागजात ड्यूटी करने वालों को पहले ही क्यों नहीं दबोचा गया।
- सब दूसरे की जगह ड्यूटी कर रहे थे, फिर भुगतान कैसे किया जा रहा था।
बीएचयू अस्पताल के एमसीएच विंग में जिन तीन लोगों को इंटर्न के नाम पर डयूटी करते पकड़ा गया, उन्होंने कई अहम जानकारियां दी हैं। अस्पताल प्रशासन को जानकारी देने के साथ ही पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। जिन लोगों के नाम सामने आएंगे, उनसे पूछताछ भी की जाएगी। -बृजेश सिंह, इंस्पेक्टर लंका