मोरारी बापू धर्म मर्यादा का पालन करें : शंकराचार्य
ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य ने शनिवार को कथावाचक मोरारी बापू के लिए धर्मदंड घोषित किया। उन्होंने कहा कि जब तक वे शास्त्र मर्यादा में स्थित नहीं हो जाते हैं, तब उनका चेहरा नहीं देखेंगे। उन्हें धर्म के मामले में अप्रमाण घोषित करते हुए सनातनी जनता को सूचित करते हैं कि उनके किसी भी आचरण और उपदेशों को प्रमाण न मानें और उसकी उपेक्षा करें।
भजन करना, कथा सुनना धर्म है, यह जिस शास्त्र ने बताया गया, वही शास्त्र सूतक में इसे न करने को कहता है। तो शास्त्र की आधी बात मानना और आधी बात न मानना अनुचित है। सवाल करने न करने का नहीं,सवाल शास्त्र आज्ञा को मानने का ही होता है। इसलिए सूतक में धर्मकार्य न करना ही धर्म है।