मंडुवाडीह स्थित मस्जिद में तरावीह की नमाज के दाैरान।
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मांगी दुआएं, छोड़े पटाखे
दालमंडी में मुस्लिम लोगों ने रमजान शरीफ का चांद देखकर 30 रोजा रखने की दुआएं मांगी। पटाखा छोड़कर खुशियां मनाईं। डर्बी शायर क्लब के अध्यक्ष शकील अहमद जादूगर ने बताया कि इस्लाम का सबसे पवित्र महीना रमजान है। पैगंबर मोहम्मद साहब को कुरान की पहली आयत इसी महीने में मिली थी। इस महीने में ज्यादा से ज्यादा दान दिया जाता है और ज्यादा से ज्यादा कुरान पढ़ी जाती है। इस महीने में सभी तरह की बुराई से दूर रहते हैं।
फज्र की नमाज के बाद रखा जाएगा पहला रोजा
रविवार को सुबह पांच बजे फज्र की नमाज के बाद पहला रोजा रखा जाएगा। इस्लाम में ऐसी मान्यता है कि रमजान में रोजेदारों को गरीबों की मदद करनी चाहिए। अपनी कमाई का ढाई प्रतिशत जकात के रूप में ईद से पहले गरीबों को देना चाहिए।
इससे गरीब लोग भी ईद पर नए कपड़े खरीद सकेंगे। रोजे के दौरान क्रोध से बचें और झूठ न बोलें। इस पवित्र महीने में नेक काम करने पर 70 गुना सवाब मिलता है, वहीं गलत काम करने पर 70 गुना गुनाह भी लगता है। सहरी खाना सुन्नत है।
सुन्नी - इफ्तार 5:59 बजे, सहरी 5:04 बजे
शिया - इफ्तार 6:11 बजे, सहरी 4:59