फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चंद्रमा ने वृष राशि में किया प्रवेश, बन रहा अंगारक योग

विज्ञापन
विज्ञापन
चंद्र एवं मंगल की राशि में परिवर्तन से अंगारक योग का निर्माण हो रहा है। अंगारक युति देश और देशवासियों के लिए ठीक नहीं है। काशी के ज्योतिषाचार्य की गणना के अनुसार राजनीतिक भूचाल, भारी बर्फबारी, वर्षा, प्राकृतिक आपदा का दुर्योग बन रहा है।
विज्ञापन

ज्योतिषाचार्य आचार्य दैवज्ञ कृष्ण शास्त्री ने बताया कि वर्षों बाद चंद्र एवं मंगल की राशि परिवर्तन से त्रिसंयोग का निर्माण हो रहा है। चंद्रमा मंगल की राशि मेष को छोड़कर वृषभ में प्रवेश करेंगे। मंगल मिथुन राशि को छोड़कर चंद्रमा की राशि कर्क में प्रवेश करेंगे। यह अंगारक युति विश्व एवं संपूर्ण भारतवर्ष के लिए ठीक नहीं है। इस अंगारक युति पर अपने जन्म नक्षत्र एवं राशि के अनुसार पौधों का रोपण करना चाहिए। जिससे सुख और समृद्धि मिलती है। पौधों का रोपण करने से अपने जीवन में आ रही बाधाओं से मुक्ति पाने के साथ पर्यावरण संरक्षण में भी सहयोगी बन सकते हैं।
विज्ञापन

जन्म नक्षत्र पौधा
अश्विनी कुचिला, बांस
भरणी आंवला, फालसा
कृतिका गूलर
रोहिणी खैर
मृगशिरा खैर
आद्रा रेशम, बहेड़ा
पुनर्वसु बांस
पुष्य पीपल
आश्लेषा नागकेसर, गंगेरन
मघा बरगद
पूर्वाफाल्गुनी ढाक
उत्तराफाल्गुनी पाकड़, रुद्राक्ष
हस्त रीठा
चित्रा बेल, नारियल
स्वाति अर्जुन
विशाखा कटाई, बकुल
अनुराधा मौलश्री
ज्येष्ठ चीड़, देवदार
मूल साल
पूर्वाषाढ़ा अशोक
उत्तराषाढ़ा कटहल, फालसा
श्रवण मदार (आक)
धनिष्ठा शमी
शतभिषा कदम्भ
पूर्वा भाद्रपद आम
उत्तराभाद्रपद नीम
रेवती महुआ
राशि नाम पौधे
मेष खादिर
वृष गूलर
मिथुन अपामार्ग
कर्क पलाश
सिंह आक
कन्या दुर्बा
तुला गूलर
वृश्चिक खादिर
धनु पीपल
मकर शमी
कुंभ शमी
मीन कुश
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें