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चांद के दीदार संग शुरू हुआ मुकद्दस रमजान

Tue, 07 Jun 2016 01:28 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
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मंडलायुक्त सभागार में बैठक को संबोधित करते मौलाना अब्दुल बातिन नोमानी।
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चांद के दीदार के साथ मुकद्दस रमजान का आगाज हो गया। सोमवार की शाम आसमान में बादल छाए रहने की वजह से बनारस में भले ही चांद की तस्दीक न हो पाई हो लेकिन इलाहाबाद से चांद की शहादत मिलने के बाद मुफ्ती-ए-शहर और काजी-ए-शहर की ओर से चांद का एलान कर दिया गया। चांद के एलान के साथ ही लोग इबादत में मशगूल हो गए। मस्जिदों में तरावीह की नमाज भी शुरू हो गई। बड़ों के साथ बच्चों ने भी पूरी अकीदत के साथ तरावीह की नमाज अदा की। माहे रमजान के आगाज के साथ ही मुस्लिम बहुल इलाकों व बाजारों में रौनक छा गई है।
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सोमवार को मगरिब बाद चांद के दीदार को लेकर मुस्लिम इलाकों में एक अलग ही नजारा था। लोग चांद को देखने के लिए खासे उत्सुक थे। दोपहर तक तो धूप तल्ख थी लेकिन शाम होते-होते आसमान में बादल छा गए। ऐसे में यहां चांद का दीदार नहीं हो पाया। मगरिब की नमाज के बाद नई सड़क स्थित खुदा बख्श लंगड़ा हाफिज मस्जिद में इज्तेमाई रुय्यते हेलाल कमेटी की बैठक मौलाना जकीउल्लाह कादरी की अध्यक्षता में हुई। वहीं मदनपुरा में शहर काजी मौलाना गुलाम यासीन की अध्यक्षता में मरकजी रुय्यते हेलाल कमेटी की बैठक हुई। बनारस में चांद की तस्दीक की किसी ने शहादत नहीं दी लेकिन दूसरे शहरों से चांद के दीदार की खबरें आने लगीं।


जौनपुर, इलाहाबाद, लखनऊ के साथ दिल्ली में चांद के एलान के बाद रात साढ़े आठ बजे इज्तेमाई रुय्यते हेलाल कमेटी ने भी यहां चांद का एलान कर दिया। मुफ्ती-ए-शहर मौलाना अब्दुल बातिन नोमानी, मौलाना हारून रशीद नक्शेबंदी, मौलाना नासिर, मौलाना अजीजुल्लाह ने बैठक कर चांद के एलान का फैसला किया। अशरफ एडवोकेट ने इसकी पुष्टि की। उधर काजी-ए-शहर ने अपने दो नुमाइंदों को इलाहाबाद शहादत के लिए भेजा। वहां से शहादत मिलने के बाद उन्होंने चांद का एलान किया।
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चांद के एलान के साथ ही सोमवार को मस्जिदों में तरावीह की नमाज शुरू हो गई। तीन दिन से लेकर करीब 25 दिनों की तरावीह की नमाज अलग अलग मस्जिदों में होनी है। सबसे कम तीन दिन की तरावीह की नमाज बेनियाबाग के मैदान में, मस्जिद लाट सरैया, मस्जिद मकदूम शाह, कचहरी परिसर स्थित मस्जिद, मदरसा खानमजान में हुई जो कि करीब रात बारह बजे तक अदा की गई।


रमजान के दौरान शहर भर में 27 शिया मस्जिदों में भी नमाज अदा की जाएगी और इफ्तार होगा। रमजान के दौरान बनारस में दौरे की नमाज भी अदा की जाएगी। इमाम-ए-जुमा मौलाना सैयद जफर हुसैनी ने कहा कि रमजान महीने का सबसे बड़ा हक यह है कि वह इबादतें और आमाल जो इस महीने में मखसूस हैं, उन्हें हर कीमत पर अंजाम दिया जाए। इस महीने एक नेकी का सिला सत्तर गुना मिलता है।
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