गति अच्छी होने के बावजूद पूर्वांचल के रूट पर 'मानसून एक्सप्रेस' कुछ लेट चल रही है। पहले जहां उम्मीद थी कि यह बुधवार तक पहुंच जाएगी, मगर अब ऐसा नहीं है। मानसून के आने की एक-एक दिन की देरी अब किसानों पर भारी पड़ने लगी है।
मानसून की दस्तक न होने से जहां धान की नर्सरी खराब हो रही है वहीं उमस और गर्मी से शहरी भी बेहाल हैं। इसी में बिजली कटौती ने किसानों और शहरियों का जीना मुहाल कर दिया है।
मौसम विज्ञानी की माने तो अभी मानसून को आने में 48 घंटे से अधिक का समय लग सकता है। फिलहाल बिहार की राजधानी पटना में मानसून अटका हुआ है।
प्रीमानसून में हुई हल्की बारिश के बाद से तेज धूप और गर्मी से जनता परेशान हैं। बीएचयू के प्रो एसएन पांडेय के अनुसार पूर्वी उत्तर प्रदेश में दो से तीन दिन में मानसून आने की उम्मीद है।
राजस्थान में ट्रफ बना हुआ है यानी दक्षिण में पछुवा हवा और उत्तर में पुरवा हवा चलने से मानसून आने में देरी हो रही है। इसके चलते मानसून मध्य प्रदेश, उड़ीसा, छत्तीसगढ़ की ओर चला जा रहा है। इससे बारिश आने में देरी हो रही है।
अरब सागर और बंगाली की खाड़ी से आने वाला मानसून कानपुर में मिलता है। इस बार अरब सागर से मानसून सोनभद्र तक हल्का आ चुका है। लेकिन बंगाल की खाड़ी का मानसून इस बार कमजोर होने से यह समस्या आ रही है।
पुरवा हवा जमीन की सतह से करीब पांच किमी ऊंचाई तक चल रही है। अब काफी संभावना है कि मानसून दो से तीन दिन के अंदर दस्तक देगा।