मानसून बनारस में नौ दिन पहले पहुंच चुका है लेकिन इसके असली रंग अभी बाकी है। जानकारी के अनुसार सिर्फ 0.1 मिमी ही बारिश हुई है और जून में 43% कम बारिश हुई है। 22 जून को बादलों की गरज के साथ मध्यम से भारी बारिश की संभावना है। बताया जा रहा है कि बनारस में बंगाल की खाड़ी से भी ज्यादा तेज अरब सागर की हवा आ रही है।
इस साल बनारस में मानसून पिछले साल के मुकाबले 9 दिन पहले ही आ गया। हालांकि, दस्तक देने के बावजूद जिले में सिर्फ 0.2 मिमी ही बूंदाबांदी हुई। शुक्रवार को काले बादल पूरे दिन मंडराते हुए गुजर गए। वर्ष 2024 में 29 जून को मानसून ने काशी में दस्तक दी थी। पिछली बार नौ दिन देरी से मानसून आया था।
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मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, 22 जून को गरज चमक के साथ भारी बारिश हो सकती है। इस दौरान तापमान 2 से 4 डिग्री तक गिर सकता है। उत्तर प्रदेश आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अतुल कुमार सिंह ने बताया कि मानसून भले ही बनारस में धीमी गति से दाखिल हुआ हो, लेकिन अगले पांच से छह दिनों तक मध्यम से भारी बारिश होने की उम्मीद है।
बनारस समेत पूरे पूर्वांचल में अरब सागर और बंगाल की खाड़ी दोनों ओर से नम हवा आ रही है। लो प्रेशर बनने की गति कम होने के चलते पहले दिन मानसून की बारिश जोरदार नहीं हो सकी। वहीं, बंगाल की खाड़ी से ज्यादा बहाव और दबाव अरब सागर से आने वाली हवाओं का है। मानसून के बादल बनारस से होते हुए पूरे पूर्वांचल और अवध क्षेत्र में भी जा रहे हैं।
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20 जून को औसत से 98 फीसदी कम बारिश
जून के 20 दिनों में बनारस में 43 फीसदी कम बारिश हुई है। औसत बारिश का आंकड़ा 33.8 मिलीमीटर है, मगर इस साल जून में सिर्फ 19.2 एमएम ही बरसात हुई। वहीं 20 जून को औसत बारिश का आंकड़ा 2.9 मिमी रहता है, लेकिन इस बार 98 फीसदी कम 0.1 मिमी ही बरसात हुई।
अधिकतम पारा 36.8 डिग्री सेल्सियस
बादल छाने की वजह से बनारस में दिन का अधिकतम तापमान सामान्य से 1.3 डिग्री नीचे 36.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं न्यूनतम तापमान सामान्य से 0.6 डिग्री ऊपर 28 डिग्री सेल्सियस तक चला गया। हवा में नमी 82 फीसदी तक दर्ज की गई। पुरवा हवा 20 किमी प्रति घंटे की गति से बही। मौसम खुशनुमा होने से बड़ी संख्या में लोग गंगा घाटों और पार्कों में समय गुजारते नजर आए।