Kashi Vishwanath: मंदिर कर्मियों का कहना है कि नंदी की मूर्ति और ज्ञानवापी कूप के पास पेड़ है और वहीं पर बंदर इकठ्ठा होते हैं। रोजाना वह काफी संख्या में श्रद्धालुओं को अपना शिकार बनाते हैं। मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्वभूषण मिश्र ने बताया कि बंदरों के काटने और हमला करने की घटनाएं बढ़ गई हैं।
श्री काशी विश्वनाथ धाम में बंदरों के आतंक से श्रद्धालु परेशान हैं। बंदर श्रद्धालुओं का प्रसाद छीनने के साथ ही उनको अपना शिकार भी बना रहे हैं। रोजाना किसी न किसी श्रद्धालु को बंदर काट रहे हैं। मंदिर प्रशासन की ओर से इस मामले में वन विभाग को पत्राचार भी किया गया है, लेकिन अभी तक बंदरों को पकड़ने का कोई इंतजाम नहीं हो सका है।
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बुधवार को श्री काशी विश्वनाथ धाम में कोलकाता से आए श्रद्धालु कौशिक सरकार को बंदरों के झुंड ने घेर लिया। बंदरों ने पहले प्रसाद छीनने का प्रयास किया, लेकिन कौशिक ने जब विरोध किया तो बंदरों ने उनके पैर में काट लिया। सुरक्षाकर्मियों व मंदिर के कर्मियों ने किसी तरह श्रद्धालु को बंदरों के हमले से बचाया।
मंदिर के कर्मियों का कहना है कि नंदी की मूर्ति और ज्ञानवापी कूप के पास पेड़ है और वहीं पर बंदर इकठ्ठा होते हैं। रोजाना वह काफी संख्या में श्रद्धालुओं को अपना शिकार बनाते हैं। मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्वभूषण मिश्र ने बताया कि बंदरों के काटने और हमला करने की घटनाएं बढ़ गई हैं। इस मामले में वन विभाग को पत्र लिखा गया है।
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बंदर काटने की घटनाएं
18 मार्च - सुनीता बनर्जी, पति का नाम माधव बनर्जी, कोलकाता
19 मार्च - साम्राज्य पति का नाम मुरारी मोहन, आंध्र प्रदेश, सीताराम, पिता का नाम मिश्री लाल गुप्ता, मिर्जापुर
21 मार्च- ऊषा मिश्रा पति का नाम जगदीश मिश्रा, मध्य प्रदेश
25 मार्च- बबिता शुक्ला पति का नाम अनिल शुक्ला, कानपुर