वाराणसी। कोरोना संक्रमण पर नियंत्रण को लेकर स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन के दावे फेल हो रहे हैं। होम आइसोलेशन में इलाज करा रहे मरीजों की मॉनिटरिंग नहीं हो पा रही है। केवल संक्रमित होने की जानकारी के बाद कोई पूछने वाला नहीं है। जिले में कुल संक्रमित 60,473 हैं। 17,856 एक्टिव केस हैं। 16 हजार से अधिक लोग होम आइसोलेशन में हैं। किस तरह की सावधानी बरतनी चाहिए, क्या इलाज करना चाहिए इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी जा रही है। सबसे ज्यादा परेशानी उन लोगों को हो रही है जो पहले से किसी बीमारी से पीड़ित हैं।
पहले सुबह-शाम कंट्रोल रूम लेता था फीडबैक
पिछले साल होम आइसोलेशन में मरीजों को जरूरी दवाओं, ऑक्सीजन लेवल और पल्स रेट मापने की जानकारी दी जाती थी। हर दिन कंट्रोल रूम से फोन कर फीडबैक लिया जाता था, लेकिन अब कोई पूछने वाला नहीं है। लोगों की शिकायत है कि कंट्रोल रूम के 1077 नंबर पर फोन करने पर भी कोई जानकारी नहीं मिल पा रही है।
केस-1
सुंदरपुर निवासी 40 वर्षीय व्यक्ति की कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट पांच दिन पहले आई। उनका कहना है कि सिर्फ रिपोर्ट की सूचना दी गई, लेकिन अब तक कौन सी दवा खानी है क्या करना है। इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई, इससे परेशान हैं।
केस दो
लंका निवासी 55 वर्षीय शिक्षक भी 1 सप्ताह से कोरोना संक्रमित होने के बाद होम आइसोलेशन में है। बताया कि पॉजिटिव रिपोर्ट आने की जानकारी ही मिली है। दवा कौन सी खानी है। ऑक्सीजन स्तर कितना होना चाहिए, ये बताने वाला कोई नहीं है।