सीएमओ ने बताया कि सुरेंद्र वनवासी ने अपने पिता की तबीयत खराब होने पर बड़ागांव स्थित आशा हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। आरोप था कि आयुष्मान कार्ड पर इलाज करने की जानकारी चिकित्सालय द्वारा दी गई, बावजूद रुपये लिए गए। इसकी शिकायत उन्होंने शनिवार को जनसंपर्क कार्यालय में जनसुनवाई कर रहे प्रभारी मंत्री सुरेश खन्ना से तीमारदारों ने की।
प्रभारी मंत्री के निर्देश पर प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ शेर मुहम्मद को जांच करने की जिम्मेदारी दी गई। जांच में अस्पताल कर पंजीयन भी नहीं मिला। इसके बाद प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. शेर मुहम्मद एवं थाना प्रभारी बड़ागांव की उपस्थिति में चिकित्सालय को सील कर दिया गया।
सुरेंद्र बनवासी द्वारा दी गई धनराशि भी हॉस्पिटल प्रबंधन से वापस कराई गई। इसके बाद फूलपुर थाने में संचालक के खिलाफ तहरीर दी गई। इस बारे में फूलपुर थानाध्यक्ष प्रवीण कुमार सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अस्पतालों की निगरानी करेगी टीम
सीएमओ संदीप चौधरी ने बताया कि आयुष्मान कार्ड होने पर निशुल्क इलाज किया जाता है। इसके बाद भी जिस तरह से अस्पतालों की ओर से इलाज के नाम पर मरीजों से रुपये लिए जा रहे हैं, यह गलत है। मरीजों, तीमारदारों की शिकायत पर त्वरित निर्णय लेते हुए न केवल अस्पताल को बंद करवाया जाएगा बल्कि उच्चाधिकारियों के निर्देश पर मुकदमा भी दर्ज करवाया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग की ओर से एक टीम गठित कर निजी अस्पतालों की निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है।