जंजीर और कामा का हुआ मातम :
शहर भर में राम नगर, शिवाला, बजरडीहा, मदनपुरा, गौरीगंज, दुर्गाकुंड, भेलूपुर, चौक, दालमंडी, नई सड़क, लल्लापुरा, शिवपुर, अर्दली बाजार, लाट सरैयां दोषीपुरा, बड़ी बाजार, रसूलपुरा, कच्चीबाग, राजापुरा, चौहट्टा लाल खां, मुकीमगंज, पड़ाव, दुलहीपुर आदि क्षेत्रों में अलम दुलदुल ताजिये के जुलूस उठाए गए। नौजवानों और बच्चों ने जंजीर और कामा के मातम के जरिये, खून का नजराना पेश किया। 300 साल पुराने दुलदुल का जुलूस बाकर हुसैन के बेनिया स्थित निवास से उठाया गया। जुलूस में हजारों लोग या हुसैन की सदाओं के साथ मातम करते हुए चल रहे थे।