फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोरोना को मात देकर निकले जौनपुर के मोहम्मद असहद, कहा- डॉक्टरों ने जगाई थी बचने की उम्मीद

Mon, 06 Apr 2020 08:12 PM IST
विचित्र सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जौनपुर
विज्ञापन
कोरोना वायरस - फोटो : social media
विज्ञापन

जौनपुर जिले के फिरोसेपुर निवासी मोहम्मद असहद ने कोरोना को मात दे दी है। 17 दिनों तक कोरोना से जंग लड़ने के बाद वह विजयी होकर निकला। लगातार दो रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद सोमवार को उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। हालांकि उसे अभी 14 दिनों तक घर में ही क्वारंटीन रहना होगा। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम उसकी निगरानी करती रहेगी। मोहम्मद असहद ही जिले का पहला शख्स है, जिसमें कोरोना के संक्रमण की पुष्टि हुई थी।

विज्ञापन


34 वर्षीय मोहम्मद असहद उमरा करने सऊदी गए थे। 15 मार्च को वह लौटे तो उन्हें भी पता नहीं था कि वह कोरोना की चपेट में आ गए हैं। तीन दिनों तक सब सामान्य रहा। पहले सर्दी-खांसी शुरू हुई, फिर बुखार के बाद गला जाम हो गया। सामान्य बीमारी समझकर मेडिकल स्टोर से दवा लेकर खाते रहे। 21 मार्च को जब जिला अस्पताल में स्वास्थ्य टीम ने सैंपल लिया, तब भी उन्हें इत्मीनान था कि वह कोरोना से सुरक्षित हैं।

विज्ञापन

23 मार्च की शाम जब रिपोर्ट पॉजिटिव आई तो लगा जैसे पैरों तले जमीन खिसक गई। असहद ने बताया कि एकबारगी तो लगा कि अब जीवन खत्म हो गया। मौत सामने खड़ी नजर आ रही थी। परिवार के लोगों के चेहरे बार-बार सामने आ रहे थे। अपनी किस्मत को कोसने लगा था कि कहां से यह बीमारी उसे हो गई, पर अस्पताल के डॉक्टरों ने हौसला बढ़ाया। जिंदगी की नई उम्मीद जगाई।

नेट पर जब इस बीमारी की चपेट में आए चीन के लोगों और उनके सुरक्षित बचने के बारे में जानकारी ढूंढनी शुरू की तो भरोसा बढ़ता गया। खुद को मानसिक रूप से मजबूत किया। डर और तनाव को खुद पर हावी नहीं होने दिया। डॉक्टरों की परामर्श के अनुसार समय पर दवा और सावधानियां बरतता गया। एक के बाद एक चार रिपोर्ट पॉजीटिव आई तो फिर थोड़ा डर लगा, लेकिन खुद को कमजोर नहीं पड़ने दिया।

डर और तनाव को खुद पर हावी न होने देने के कारण ही बीमारी को मात देने में कामयाबी मिली। असहद के मुताबिक कोरोना हौव्वा नहीं है। दरअसल, लोगों को इसके बारे में सही जानकारी ही नहीं है। यह दूसरी बीमारियों जैसी ही है, बस इसमें थोड़ी अतिरिक्त सावधानी की जरूरत है। इसके लक्षण तत्काल नहीं दिखते। ऐसे में अगर हम दूर-दूर रहें, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते रहें, साफ-सफाई रखें और नियमित अंतराल पर हाथ धुलते रहें तो इससे आसानी से निपटा जा सकता है। लोग सतर्क रहें, जागरूक बनें। डर और तनाव को खुद पर हावी न होने दें।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें