केंद्र सरकार ने नमामि गंगे योजना के तहत वाराणसी के रमना सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के क्रियान्वयन के लिए पीपीपी मॉडल कार्य को शनिवार को मंजूरी दे दी। पत्र सूचना कार्यालय ने सोमवार को बताया कि यह प्लांट हाइब्रिड एन्यूटी पर आधारित होगा।
इस पर करीब 120 करोड़ रुपये लागत आएगी। साथ ही उत्तर प्रदेश पेयजल निगम को टेंडर के लिए नोटिस जारी करने का निर्देश दे दिया गया है।
टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन की कार्यकारी समिति द्वारा प्रशासनिक और व्यय संबंधी मंजूरी दी जाएगी।
बता दें कि नमामि गंगे कार्यक्रम गंगा को बचाने का एकीकृत प्रयास है। इसके अंतर्गत व्यापक तरीके से गंगा की सफाई करने को प्रमुखता दी गई है।
इसके तहत नदी की सतही गंदगी की सफाई, सीवरेज उपचार के लिए बुनियादी ढांचे, नदी तट के विकास, जैव विविधता और पौधरोपड़ जैसी गतिविधियां शामिल हैं।