जिला जेल की बैरक नंबर तीन में निरुद्ध पांच बंदियों के पास से शनिवार को सात मोबाइल बरामद हुए तो हंगामा खड़ा हो गया। मोबाइल की बरामदगी को लेकर बंदीरक्षक और जेलर एक-दूसरे पर बंदियों से मिलीभगत का आरोप लगा हंगामा करने लगे।
वहीं, मोबाइल पकड़े जाने के विरोध में बंदियों ने भी हंगामा शुरू कर दिया। माहौल अनियंत्रित होते देख जेलर ने पगली घंटी बजाई। इस पर जेल पुलिस की फोर्स बैरक नंबर तीन के पास पहुंची।
इसी बीच एडीएम प्रशासन के साथ एसपी सिटी पांच थानों की फोर्स और पीएसी लेकर जेल पहुंचे। बैरक नंबर दो, तीन और चार की तलाशी लेकर माहौल सामान्य कराया गया।
मामले को लेकर बैरक नंबर तीन के पांच बंदियों के खिलाफ कैंट थाने में जेलर ने मुकदमा दर्ज कराया है। इस दौरान लगभग ढाई घंटे तक जेल में अफरातफरी का माहौल रहा।
जिला जेलर की बैरक नंबर तीन की ओर सड़क की ओर से गेंद के साथ एक मोबाइल गिरता हुआ एक बंदीरक्षक ने शनिवार की दोपहर में देखा। बंदीरक्षकों का आरोप है कि उन्होंने इसकी जानकारी जेलर पीके त्रिवेदी को दी तो उन्होंने गालीगलौज किया और हम पर बंदियों से मिलीभगत का आरोप लगाया। यदि अधिकारी न चाहें तो जेल में मोबाइल नहीं आ सकता है।
ड्यूटी करने की ताकीद पर हो रहीं अनर्गल बातें
जेल से बाहर निकलते पुलिस अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
वहीं, जेलर ने बताया कि बंदीरक्षक ने उन्हें सूचना दी तो वो बैरक नंबर तीन की तलाशी लेने पहुंचे जहां विरोध में बंदियों ने हंगामा शुरू कर दिया। स्थिति अनियंत्रित प्रतीत हुई तो पगली घंटी बजाकर फोर्स को मौके पर बुलाया और प्रभारी जेल अधीक्षक के साथ ही जिलाधिकारी को सूचना दी।
फोर्स के आने पर बैरक नंबर दो, तीन और चार की तलाशी ली गई। बैरक नंबर तीन में निरुद्ध आबिद सिद्दीकी, राजीव पांडेय उर्फ वकील, अतुल सिंह, विवेक सिंह, आशुतोष सिंह के पास से सात मोबाइल और एक चार्जर बरामद हुआ है।
बंदीरक्षकों के आरोप पर जेलर ने कहा कि कड़ाई और सही से ड्यूटी करने की ताकीद पर अनर्गल बातें कहीं जा रही हैं। इस संबंध में सेंट्रल जेल के वरिष्ठ अधीक्षक और जिला जेल के प्रभारी अधीक्षक अंबरीष गौड़ ने बताया कि जिन बंदियों के पास से मोबाइल बरामद हुआ उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। जांच की जा रही है कि आखिर किसकी मिलीभगत से मोबाइल जेल के भीतर पहुंचा।