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राहत भरी खबर : उखड़ती सांसों को बचाने के लिए जल्द शहर की सड़कों पर दौड़ेगा गरीबों का मोबाइल ऑक्सीजन प्वाइंट  

Fri, 23 Apr 2021 11:53 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

बीएचयू के न्यूरोलॉजी विभाग के डॉक्टरों की पहल पर तैयार होगा मोबाइल ऑक्सीजन प्वाइंट, देश ही नहीं विदेश से भी लोगों ने मदद का दिया आश्वासन
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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वाराणसी में कोरोना का संक्रमण हर सांस पर भारी पड़ रहा है। शासन-प्रशासन और मेडिकल अमला उखड़ती सांसों को बचाने की जुगत में लगा हुआ है। शहर में ऑक्सीजन सप्लाई की बदहाल व्यवस्था को देखते हुए बीएचयू न्यूरोलॉजी विभाग के चिकित्सकों ने मोबाइल ऑक्सीजन प्वाइंट शुरू करने की तैयारी की है।
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बीएचयू के न्यूरोलॉजिस्ट प्रो. बीएन मिश्रा ने शहर में मोबाइल ऑक्सीजन प्वाइंट का खाका तैयार किया है। इसमें बीएचयू के न्यूरोलॉजी विभाग के चिकित्सकों की पूरी टीम अपनी तनख्वाह के रुपयों से पहला मोबाइल ऑक्सीजन प्वाइंट शुरू करने जा रही है। प्रो. मिश्रा ने बताया कि एक छोटे वाहन पर 16 ऑक्सीजन के सिलिंडर के जरिए ऑक्सीजन के 32 प्वाइंट तैयार किए जाएंगे। इसके जरिए रोजाना दो से ढाई सौ मरीजों को ऑक्सीजन की सुविधा मिल सकेगी।
 
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प्रो. मिश्र ने बताया कि सोशल मीडिया पर मोबाइल ऑक्सीजन प्वाइंट बनाने का विचार साझा किया तो अमेरिका समेत देश व काशी के कई गणमान्य लोगों ने भी मदद के लिए हाथ बढ़ाया है। पहला मोबाइल ऑक्सीजन प्वाइंट का प्रयोग अगर सफल रहा तो इसकी तर्ज पर देश भर में ऑक्सीजन प्वाइंट तैयार किए जा सकेंगे। दो से तीन दिन के अंदर पहला ऑक्सीजन प्वाइंट शुरू हो जाएगा। इसके बाद आगे इसकी संख्या को बढ़ाने पर विचार किया जाएगा।

प्रो. मिश्र ने कहा कि मरीजों को अस्पताल में बेड नहीं मिल रहा है और हालत गंभीर होने पर ऑक्सीजन की भी किल्लत हो जा रही है। ऐसी स्थिति में यह मोबाइल ऑक्सीजन प्वाइंट वहीं पर खड़ा रहेगा और जरूरतमंदों को ऑक्सीजन की सेवा देगा। इसके साथ ही वाहन पर कैमरे के जरिए ऑनलाइन मेडिकल सलाह भी मिलेगी। इसमें न्यूरोलॉजी विभागाध्यक्ष प्रो. रामेश्वरनाथ चौरसिया, डॉ. अभिषेक पाठक, डॉ. वरुण कुमार सिंह, डॉ. आनंद कुमार सहयोग कर रहे हैं। प्रो. रामेश्वरनाथ चौरसिया ने कहा कि रोगियों को राहत देने के लिए यह एक प्रयोग है, हमारा प्रयास है कि हम ऑक्सीजन की कमी से किसी को भी तड़पकर नहीं मरने देंगे। डॉ. अभिषेक पाठक ने कहा कि मरीजों के लिए जो भी बेहतर होगा, हम जरूर करेंगे, अभी यह छोटा सा प्रयास है।
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