शासन-प्रशासन की सख्ती और लोगों को जागरूक करने के लिए की जा रही कवायद के बावजूद बच्चा चोर का शोर थमने का नाम नहीं ले रहा है। बलिया में इंसानियत को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। यहां भीड़ ने एक बच्चे के पिता को बच्चा चोर के शोर में जमकर पिटाई कर दी।
दरअसल, रसड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र परिसर में बच्चे का इलाज कराने आए पिता को लोगों ने बच्चा चोर समझ कर जमकर धुनाई कर दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने युवक को हिरासत में लेकर छानबीन कर छोड़ दिया।
नगरा थाना के शंकरपुर डेहरी निवासी प्रमोद राजभर पुत्र इन्द्रजीत अपने नौ माह के बच्चे का इलाज के लिए अस्पलाल में अपनी पत्नी गीता देवी, साली सीता देवी के साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर आया था। बच्चे का ब्लड टेस्ट भी करा लिया। तभी पैसे के लिए पति-पत्नी में विवाद होने लगा।
विवाद बढ़ जाने पर वहां से प्रमोद राजभर भागने लगा। इस पर महिला शोर मचाने लगी। वहां मौजूद लोगों ने प्रमोद को बच्चा चोर समझ कर धर दबोचा। लोगों की पिटाई देख पत्नी और साली भाग खड़ी हुईं। संयोग ही था तत्काल पुलिस पहुंच गई। युवक को हिरासत में ले लिया। युवक का पत्नी से विवाद चल रहा था। पत्नी मायके में ही रह रही है। पुलिस छानबीन कर युवक को बाद में छोड़ दिया।
उन्मादी भीड़ ने बच्चा चोर समझ मानसिक रोगी को बिजली के खंभे से बांधकर पीटा
अलीगढ़ में फैली बच्चा चोरी की अफवाहों के चलते रविवार देर शाम एक मानसिक बीमार युवक उन्मादी भीड़ का शिकार हो गया। देहली गेट थाना क्षेत्र के जंगलगढ़ी इलाके के लोगों ने युवक को बिजली के खंभे से बांधकर बेरहमी से पीटा। सूचना पर पहुंचे लैपर्ड कर्मियों के साथ भी भीड़ ने अभद्रता कर दी। देहली गेट और ऊपरकोट थाना पुलिस ने पहुंचकर मामला काबू में किया।
इस मामले में पुलिस ने 34 नामजद व 100 अज्ञात लोगों के खिलाफ जानलेवा हमले सहित एक दर्जन संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। सभी आरोपी फरार हो गए हैं। वाकया रविवार देर शाम का है। नासिर पुत्र लज्जा निवासी जमालपुर मानसिक रूप से बीमार है।
नासिर का बड़ा भाई गोंडा रोड स्थित एक ताला फैक्टरी में काम करता है। पुलिस के अनुसार नासिर शाम के समय अपने भाई के पास फैक्टरी जा रहा था। वह गंदे कपड़े पहने हुआ था। साथ ही मानसिक विक्षिप्त होने के चलते उसके हरकतें भी लोगों को अजीब लगीं तो जंगलगढ़ी के कुछ लोगों ने उसे रोक लिया। उससे पूछताछ की तो वह अपनी दिमागी हालत के चलते सही जवाब नहीं दे पाया।
इस पर भीड़ ने उसे बच्चा चोर समझ लिया। बिजली के खंभे से बांधकर उसकी बेरहमी से पिटाई लगाई। थाना पुलिस को सूचना मिली तो लैपर्ड कर्मियों ने वहां पहुंचकर भीड़ के कब्जे से युवक को छुड़वाना चाहा। मगर, भीड़ ने लैपड कर्मियों से भी अभद्रता कर दी।
इसकी सूचना लैपर्ड कर्मियों ने वायरलेस कर दी। देहली गेट और ऊपरकोट थाने के फोर्स ने पहुंचकर युवक को भीड़ के कब्जे से निकालकर जिला अस्पताल भिजवाया। उसके परिवार वालों को भी सूचित किया। इंस्पेक्टर देहली गेट इंद्रेश कुमार के अनुसार कुछ लोगों ने घटना की वीडियो बना ली। वीडियो के आधार पर पुलिस ने 34 नामजद व 100 अज्ञातों के खिलाफ मारपीट, जानलेवा हमले सहित एक दर्जन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
यह आरोपी हैं मुकदमे में नामजद
देहली गेट पुलिस ने कदीर, भूरा, मतीन, जुबैर, नईम, कफील, सुहैल, गदुआ, यूसुफ, शाहरूख, काला, काले का लड़का, इमरान, इरशाद, शाहनवाज, साकिब, दानिश, शादाब, सरफराज, फरीद, मुख्तार, शादाब, कासिम, आरिफ, अनीस, अरमान, जईया, इस्लाम, धनिया, शाहिद, इमरान, शकील गट्टा, फुरकान उल्ला व 100 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।