अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय राजीव कमल पांडेय की कोर्ट ने आरोपी बृजेश सिंह की तरफ से दिए गए उस आवेदन को खारिज कर दिया जिसमें गैंगस्टर मामले के निस्तारण तक सिकरौरा नरसंहार कांड मामले की सुनवाई स्थगित करने का अनुरोध किया गया था। कोर्ट ने कहा कि दोनों मामले इसी कोर्ट में लंबित हैं और उनकी सुनवाई प्रभावित नहीं हो रही है।
हाईकोर्ट ने सिकरौरा मामले में कहा है कि वादिनी हीरावती की गवाही हर हाल में हो और स्थगित न की जाए। कोर्ट ने कहा कि आरोपी एमएलसी हैं और सुप्रीम कोर्ट ने जनप्रतिनिधियों के लंबित मामलों में त्वरित सुनवाई का आदेश दिया है।
ऐसे में आरोपी बृजेश सिंह की तरफ से दिए गए आवेदन को खारिज करते हुए वादिनी हीरावती की गवाही के लिए 11 जनवरी की तिथि सुनवाई हेतु नियत की जाती है।
इसके पहले गैंगस्टर मामले के निस्तारण तक इसकी सुनवाई पर रोक लगाने संबंधी आवेदन पर दोनों पक्षों की ओर से बहस कर दलील पेश की गई। इस दौरान कोर्ट में वादिनी हीरावती भी कड़ी सुरक्षा के बीच गवाही के लिए पहुंची थीं। वहीं, आरोपी बृजेश सिंह नहीं पेश हुए।
सेंट्रल जेल के अधीक्षक ने कोर्ट को जानकारी दी कि हास्पिटल में भर्ती होने के कारण वो पेश नहीं हो सके। उधर, वादिनी हीरावती ने जिला जज की कोर्ट में अनावश्यक रूप से गवाही न कराने का आरोप लगाते हुए प्रार्थना पत्र दिया। कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई करने की बात कही है।